नामली / पुलिस दर्पण
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, शिक्षक कॉलोनी स्थित नामली सेवा केंद्र पर मंगलवार को ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका एवं महान राजयोगिनी मातेश्वरी जगदंबा मम्मा का पुण्य स्मृति दिवस श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर मम्मा के जीवन आदर्शों को स्मरण किया तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
नामली सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी संगीता दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मातेश्वरी जगदंबा मम्मा को स्वयं निराकार शिव परमात्मा द्वारा स्थापित अविनाशी रुद्र ज्ञान यज्ञ की संभाल के लिए प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के साथ अलौकिक मां के रूप में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ब्रह्मा बाबा भी उन्हें स्नेहपूर्वक “मम्मा बेटी” कहकर संबोधित करते थे।
उन्होंने बताया कि मम्मा ने शिव बाबा की प्रत्येक श्रीमत का पूर्ण समर्पण भाव से पालन किया। वे प्रतिदिन प्रातः 2 बजे उठकर गहन तपस्या एवं योग साधना में लीन रहती थीं। उनका जीवन अनुशासन, त्याग, सेवा और आध्यात्मिकता का अद्वितीय उदाहरण था। उनका संदेश था— “हुक्म चला रहा है” तथा “हर घड़ी अंतिम घड़ी है”, जिसे उन्होंने स्वयं अपने जीवन में चरितार्थ किया।
संगीता दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जगदंबा मम्मा ने विश्वभर की आत्माओं को राजयोग का मार्ग दिखाकर श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा दी। उनके दिव्य व्यक्तित्व से प्रेरित होकर अनेक लोगों ने अपना जीवन ईश्वरीय सेवा के लिए समर्पित किया।
आज भारत सहित विश्व के 140 देशों में ब्रह्माकुमारी संस्थान के सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां लाखों लोग आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर जीवन को श्रेष्ठ बना रहे हैं। कार्यक्रम में ईश्वरीय महावाक्य श्रवण के पश्चात ब्रह्मा बाबा एवं मम्मा को भोग अर्पित किया गया तथा सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर नगर परिषद नामली की उपाध्यक्ष पूजा श्रीनाथ योगी, भाजपा नेता श्रीनाथ योगी, राजकुमारी जायसवाल, निर्मल भाटी, कैलाश जोगचंद, रेखा बहन सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

