“मौत का लाइव करंट: हतनारा में आसमान से बरसी बिजली, 3 अकीदतमंदों की मौत, 15 झुलसे!”
रतलाम हादसे के बाद लाइनमैन सहित 3 कर्मचारी सस्पेंड।
“खुशियों के जुलूस में पसरा मातम: 15 फीट ऊपर झूलते हाईटेंशन तार ने उजाड़ दिए हतनारा के 3 घर।”
मेवाती मोहल्ले से उठी थी आस्था, चंद कदमों बाद ही चीखों में बदली।
रतलाम । पुलिस दर्पण
मोहर्रम की वो रात, जब पूरा गांव अकीदत और उत्साह के रंग में डूबा था। ढोल-ताशों के बीच पिपलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम हतनारा में ताजिये का जुलूस आगे बढ़ रहा था। सैकड़ों आंखें उस मंजर को निहार रही थीं, लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि ठीक ऊपर ‘मौत का जाल’ बिछा है।
गुरुवार रात करीब 10:30 बजे, जैसे ही ताजिया मेवाती मोहल्ले से थोड़ा आगे बढ़ा, वह ऊपर से गुजर रही महज 15 फीट ऊंची हाईटेंशन बिजली की लाइन से टकरा गया।
मंजर ऐसा कि संभलने का मौका तक न मिला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही ताजिया तार से टच हुआ, पूरे ढांचे में करंट दौड़ गया। ताजिया थामे लोग तड़पकर नीचे गिर गए। तड़पते हुए अपनों को बचाने के लिए जो भी आगे बढ़ा, करंट का ‘डोमिनो इफेक्ट’ ऐसा था कि वे भी उसकी जद में आ गए। चीख-पुकार और भगदड़ के बीच देखते ही देखते 18 लोग झुलस गए।गांव में पसरा सन्नाटा, इन 3 घरों के बुझ गए चिराग।इस भीषण हादसे ने हतनारा गांव में मातम फैला दिया है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 3 युवकों की मौत हो गई:
राशिद खान (32 वर्ष) पिता वाहिद खान,सड्डू (40 वर्ष) पिता मोहम्मद हुसैन,अरबाज खान (25 वर्ष) पिता हुसैन (इन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ा) शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे जब मेडिकल कॉलेज से तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे, तो पूरा गांव रो पड़ा। गमगीन माहौल के बीच परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पतालों में आधी रात मची रही ‘भागदौड़’
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एएसपी (शहर) राकेश पंद्रो और सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मदद को आगे आए हाथ: आधी रात को सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता व जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज पहुंचे और इलाज की व्यवस्था संभाली। वहीं, समाजसेवी सुल्तान खान अपने साथियों के साथ रात भर अस्पताल में दौड़-दौड़कर घायलों का इलाज करवाते नजर आए।
घायलों का चल रहा इलाज: हादसे में अख्तीयार खां,अनस, शकील मंसूरी, रईस, मोहम्मद खान, वहीद खां, इब्राहिम, इरफान, फारूख और रहीम समेत करीब 15 लोग झुलसे हैं, जिनका इलाज रतलाम के मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में जारी है।
बड़ी लापरवाही पर बड़ा एक्शन: 3 कर्मचारी सस्पेंड
इस दर्दनाक हादसे ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जुलूस के रास्ते में इतनी कम ऊंचाई पर हाईटेंशन लाइन क्यों थी? जुलूस के वक्त बिजली कटौती क्यों नहीं की गई? इन सुलगते सवालों और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री ने तत्काल प्रभाव से बड़ी कार्रवाई की है। जावरा के पिपलोदा हतनारा क्षेत्र में हुई इस घोर लापरवाही के आरोप में लाइनमैन सहित तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

