मध्य प्रदेश पुलिस ने राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर रचा इतिहास

पासपोर्ट सत्यापन में MP पुलिस का देश में डंका: लगातार दूसरे साल मिला ‘नेशनल अवार्ड’।

5 लाख से कम श्रेणी में मध्य प्रदेश पुलिस देश में नंबर-1; विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ‘इंस्टीट्यूशनल परफॉर्मेंस अवार्ड’ से नवाजा।

भोपाल- दिलीप कर्णधार

नागरिक सेवाओं को त्वरित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पासपोर्ट आवेदनों के सबसे तेज और सटीक पुलिस सत्यापन के लिए मध्य प्रदेश पुलिस को देश भर में प्रथम स्थान मिला है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा एमपी पुलिस को लगातार दूसरे वर्ष इस श्रेणी के प्रतिष्ठित ‘इंस्टीट्यूशनल परफॉर्मेंस अवार्ड’ (Institutional Performance Award) से सम्मानित किया गया है।
​ शुक्रवार को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मध्य प्रदेश पुलिस को यह गौरवपूर्ण राष्ट्रीय पुरस्कार (Citation) सौंपा। राज्य की ओर से इस सम्मान को उप पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) श्री तरुण नायक और सहायक पुलिस महानिरीक्षक (विशेष शाखा सुरक्षा) श्रीमती रश्मि मिश्रा ने ग्रहण किया।
​ 3.35 लाख से अधिक पासपोर्ट का हुआ ‘सुपरफास्ट’ वेरिफिकेशन।
​आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश पुलिस ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कुल 3,35,647 पासपोर्ट आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सत्यापन किया। 5 लाख से कम वार्षिक पासपोर्ट आवेदन वाली श्रेणी में मध्य प्रदेश ने पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए यह कीर्तिमान अपने नाम किया है।
​ “यह सम्मान पूरी मध्य प्रदेश पुलिस के सामूहिक प्रयासों, कड़े परिश्रम और सेवा भावना का नतीजा है। भविष्य में भी हम नागरिकों को इसी प्रतिबद्धता और गुणवत्ता के साथ सेवाएं देने के लिए संकल्पित हैं।”
श्री कैलाश मकवाणा, पुलिस महानिदेशक (DGP), मध्य प्रदेश।
​तकनीक और पारदर्शिता बनी सफलता की कुंजी
​ गौरतलब है कि मध्य प्रदेश पुलिस ने पिछले वर्ष भी पहली बार यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान अपने नाम किया था। लगातार दूसरे साल देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यह साबित करता है कि प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता और जवाबदेही का स्तर बेहद मजबूत है। अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक के समावेश और मैदानी स्तर पर कर्मचारियों की सजगता के कारण ही आवेदकों को बिना किसी परेशानी के बेहद कम समय में पासपोर्ट वेरिफिकेशन की सुविधा मिल पा रही है।​इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने प्रदेश के सभी जिलों के कप्तानों, विशेष शाखा और पासपोर्ट सत्यापन विंग से जुड़े हर छोटे-बड़े अधिकारी-कर्मचारी को बधाई दी है।

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