योगमय हुई संस्कारधानी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जबलपुर में किया सामूहिक योगाभ्यास, कोलकाता से जुड़े पीएम मोदी
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गैरिसन ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब; राष्ट्रपति बोलीं— “चुनौतियों से घिरी मानवता को शांति और संतुलन का मार्ग दिखा रहा योग”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साझा किए विचार; कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर लिया प्रधानमंत्री का प्रेरणादायी मार्गदर्शन।
पुलिस दर्पण संवाददाता/ जबलपुर
जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज संस्कारधानी जबलपुर वैश्विक स्तर पर योग और आरोग्यता का मुख्य केंद्र बन गई। शहर के ऐतिहासिक गैरिसन ग्राउंड पर आयोजित भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में सामूहिक योगाभ्यास संपन्न हुआ। श्वेत परिधान में कार्यक्रम में पहुंचीं राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने स्वयं नीले मैट पर विभिन्न आसन और प्राणायाम कर देश व दुनिया को निरोग रहने का संदेश दिया।
इस भव्य आयोजन के दौरान मध्य प्रदेश के योग साधकों को एक अद्भुत दोहरा अवसर मिला। जबलपुर का यह राज्य स्तरीय मंच, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ा। जहाँ उपस्थित जनसमुदाय ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और उनके प्रेरणादायी व ऊर्जावान मार्गदर्शन का लाभ उठाया।
ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है योग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
समारोह में अपने विचार साझा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योग को भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा की सबसे अमूल्य और अनूठी धरोहर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग मात्र शारीरिक कसरत नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच अद्भुत संतुलन स्थापित कर एक स्वस्थ, समृद्ध और आत्मविश्वासी जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने मध्य प्रदेश के नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा, “आइए, हम सभी आज इस पावन अवसर पर योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का संकल्प लें और एक स्वस्थ, सशक्त तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।”
वैश्विक कल्याण और शांति का माध्यम: राष्ट्रपति मुर्मु
योग सत्र के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने दुनिया भर के योग साधकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज हम भारत की उस महान संस्कृति और परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने पूरी मानवता को एक संतुलित और सार्थक जीवन जीने की राह दिखाई है। इस वर्ष की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ का विशेष उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि योग हमारे समाज के बुजुर्गों को एक सक्रिय, आत्मनिर्भर और गरिमामयी जीवन जीने की शक्ति प्रदान करता है। आज जब पूरी दुनिया कई तरह की मानसिक और शारीरिक चुनौतियों से जूझ रही है, तब योग वैश्विक शांति और सामाजिक समरसता के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है।
‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ की गूंज
थीम आधारित संदेश: इस वर्ष का 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ की थीम पर मनाया गया, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखना है।
महा-आयोजन में जनसैलाब: जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड पर हजारों की संख्या में स्कूली छात्र, एनसीसी कैडेट्स, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल के जवान और आम नागरिक तड़के सुबह से ही योगाभ्यास के लिए पंक्तिबद्ध नजर आए।
डिजिटल कनेक्टिविटी: कोलकाता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के दौरान पूरा पंडाल शांत रहकर देश के विकास और स्वास्थ्य के मंत्र को सुनता रहा, जो तकनीक और परंपरा के अद्भुत तालमेल का उदाहरण बना।

