मुरैना जेलों में नशा-मुक्ति के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित; बंदियों व बालकों को दी नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी।
मुरैना । पुलिस दर्पण
अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान के मार्गदर्शन में जिला जेल मुरैना, सबजेल अम्बाह, जौरा, सबलगढ़ और बाल सम्प्रेक्षण गृह मुरैना में नशा मुक्ति अभियान के तहत विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
शिविरों में बंदियों और बाल सम्प्रेक्षण गृह के अपचारी बालकों को नशे के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक तथा कानूनी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि नशे की लत केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को नहीं बिगाड़ती, बल्कि अपराध, पारिवारिक विघटन और सामाजिक असंतुलन जैसी चुनौतियाँ भी बढ़ाती है।
उन्होंने उपस्थितों को मादक पदार्थों से दूर रहने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुरैना के सचिव, जिला जेल अधीक्षक, संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। आयोजकों ने कहा कि नशामुक्त समाज तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक स्वयं संकल्प लेकर सक्रिय भूमिका निभाए।

