पारंपरिक और आधुनिक तौर-तरीकों का संगम कर नागरिकों को मतदातासूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जोड़ा
मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर शत-प्रतिशत मतदान की अलख जगाई
देवास / पुलिस दर्पण
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों की मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2026 के तहत देवास जिले में रोचक गतिविधियों के साथ मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग कमिश्नर श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में निर्वाचन आयोग की ब्रांड एंबेसडर सारिका घारू ने पारंपरिक और आधुनिक तौर-तरीकों का संगम कर नागरिकों को मतदातासूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जोड़ा। उनहोंने बताया कि कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह के निर्देशन में देवास जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के नागरिकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई ।
कार्यक्रम के दौरान सारिका घारू ने नागरिकों का एक बड़ा भ्रम दूर करते हुए विशेष रूप से स्पष्ट किया कि यह करीब 6 महीने पहले हुए भारत निर्वाचन आयोग एसआईआर यानी लोकसभा या विधानसभा वाली मतदाता सूची से अलग प्रक्रिया है, वर्तमान में आपके गांव की पंचायत और शहर के नगर निकाय के चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा यह प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसलिए, जिन नागरिकों का नाम विधानसभा सूची में है, उन्हें भी इस स्थानीय निकाय की सूची में अपना नाम दोबारा जरूर जांचना चाहिए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पारंपरिक लोकसंगीत रहा, जिसके माध्यम से स्थानीय भाषा में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की कहानी को बेहद रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, 25 जून तक नाम जोड़ना, हम सबकी जिम्मेदारी जैसे आकर्षक चुनावी जिंगल्स और गीतों की मदद से आमलोगों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को जागरूक किया। इस दौरान सारिका घारू ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय सरकार हमारे लोकतंत्र की बुनियाद है। जो युवा 1 जनवरी 2026 को या उससे पहले 18 वर्ष के हो चुके हैं, वे अपना नाम तुरंत जुड़वाएं। इसके साथ ही आयोग द्वारा बढ़ाई गई 25 जून की अंतिम तिथि का उपयोग कर मतदाता सूची में नाम, लिंग या पते की त्रुटियों को सुधरवाएं। कार्यक्रम में स्थानीय चुनावों में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के संकल्प को भी मजबूत किया।

