राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ का शुभारंभ

साइबर अपराधियों के खिलाफ मध्यप्रदेश का महासंकल्प: 50 हजार गांवों तक पहुंचेगा ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान।

“मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ, 15 दिनों तक गांव-गांव पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश”

भोपाल / दिलीप कर्णधार

डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा और व्यापक जनजागरण अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ का शुभारंभ किया। यह अभियान 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक प्रदेश के सभी 10 संभागों, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों में संचालित किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल गिरफ्तारी, डीपफेक, फिशिंग, रैंसमवेयर हमलों और अन्य साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना है। इसके तहत स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, बाजारों, पंचायतों, धार्मिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।

यह एक ऐसा अदृश्य खतरा है जो बिना किसी चेतावनी के लोगों की मेहनत की कमाई और निजी जानकारी को निशाना बनाता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी ही साइबर अपराध के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या निवेश प्रस्ताव पर तुरंत विश्वास न करें। पहले उसकी सत्यता जांचें और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी फर्जी निवेश योजनाओं, नकली प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा लीक और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान का पोस्टर, स्कूली विद्यार्थियों के लिए तैयार साइबर सुरक्षा पुस्तिकाओं तथा अभियान के आधिकारिक वीडियो का विमोचन किया। साथ ही प्रदेशभर में साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाने वाले विशेष साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि साइबर अपराध अब केवल आर्थिक नुकसान का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। उन्होंने बताया कि पुलिस को प्राप्त होने वाली लगभग 80 प्रतिशत साइबर शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित होती हैं। डीजीपी ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश पुलिस ने एक लाख रुपये तक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों के लिए ई-जीरो एफआईआर सुविधा प्रारंभ की है।

इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2025 में साइबर अपराध से जुड़े लगभग 135 करोड़ रुपये की राशि को जब्त कर पीड़ितों को वापस दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पुलिस अब तक अपनी विभिन्न जागरूकता पहलों के माध्यम से 33 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंच बना चुकी है। ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के माध्यम से इस प्रयास को गांव-गांव तक विस्तार दिया जाएगा।

अभियान के दौरान बैंकिंग सुरक्षा, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता तथा जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार जैसे विषयों पर प्रतिदिन विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग की यह पहल साइबर सुरक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आम नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की जानकारी और आत्मविश्वास दोनों प्राप्त होंगे।

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