पुलिसकर्मियों को तकनीकी और व्यवहारिक ज्ञान में दक्ष बनाने की पहल, रतलाम में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

थाना संचालन से लेकर CCTNS, ICJS और NDPS विवेचना तक की दी जा रही जानकारी, 27 अक्टूबर को होगा प्रायोगिक अभ्यास

रतलाम | पुलिस दर्पण

रतलाम जिले में पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक रतलाम रेंज श्री निमिष अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ प्रधान आरक्षक मोहर्रिर को तकनीकी और व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है।

25 एवं 26 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि 27 अक्टूबर को प्रायोगिक अभ्यास कराया जाएगा।

थाना संचालन और कानून व्यवस्था पर पुलिस अधीक्षक ने दिया मार्गदर्शन

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने थाना संचालन, आवश्यक नियमों एवं प्रक्रियाओं, बीट सिस्टम तथा कानून व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण श्री विवेक कुमार लाल ने किया। एसडीओपी रतलाम ग्रामीण श्री किशोर पाटनवाला ने विभिन्न थाना रजिस्टरों के व्यवस्थित संधारण की जानकारी दी। वहीं, नगर पुलिस अधीक्षक श्री सत्येन्द्र घनघोरिया ने पुलिस कार्यप्रणाली में उपयोग होने वाले नवीन ऑनलाइन एप्लीकेशनों की जानकारी प्रदान की।

NDPS विवेचना से लेकर न्यायालयीन ऑनलाइन प्रक्रिया तक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान रक्षित निरीक्षक श्री मोहन भर्रावत ने प्रशासनिक कार्यों, पुलिस बल की तैनाती और अनुशासन से संबंधित विषयों पर जानकारी दी। उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी बांगरोद श्री विष्णुदयाल जोशी ने NDPS प्रकरणों की विवेचना प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। CCTNS शाखा के श्री बलराम पाटीदार एवं श्री लोमेश शर्मा ने CCTNS, ICJS तथा उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों की ऑनलाइन जानकारी और जमानत आवेदनों से संबंधित प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण दिया। थाना प्रभारी स्टेशन रोड निरीक्षक श्री मुनेन्द्र गौतम ने इस्तगासा एवं HCM के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। वहीं, उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा श्रीमती गायत्री सोनी ने व्यवहारिक ज्ञान, ग्राम रक्षा समिति की भूमिका तथा जब्तशुदा माल के निराकरण से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रायोगिक अभ्यास से समझेंगे कार्यप्रणाली

तीन दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य थाना स्तर पर कार्यरत पुलिसकर्मियों को तकनीकी माध्यमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और व्यवहारिक कार्यों में दक्ष बनाना है। अंतिम दिवस प्रायोगिक अभ्यास के माध्यम से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को व्यवहार में लागू करने का अवसर मिलेगा। पुलिस विभाग के इस प्रयास से थाना संचालन, अभिलेखों के संधारण, ऑनलाइन प्रक्रियाओं और विवेचना संबंधी कार्यों में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप कार्य करने की क्षमता को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है।

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