महंगाई पर नियंत्रण जरूरी
….प्रदीप कुमार नायक इन दिनों देश में महंगाई की मार आम आदमी की कमर तोड़ रही है और इसकी रफ्तार…
….प्रदीप कुमार नायक इन दिनों देश में महंगाई की मार आम आदमी की कमर तोड़ रही है और इसकी रफ्तार…
लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ समझी जाने वाली स्वतंत्र पत्रकारिता पर बढ़ता वैचारिक और राजनीतिक संकट किसी भी सभ्य राष्ट्र के…
भारतीय रसोई की थाली में आवश्यक मानी जाने वाली सब्जियों में से एक—प्याज—के तेवर एक बार फिर तल्ख हो चले…
“जब गन्ने से पेट्रोल भी बना और अब चीनी भी आयात करनी पड़ी” राजनीतिक बहस में असहमति को तर्क से…
जंतर-मंतर केवल दिल्ली का एक भूगोल नहीं है। यह भारतीय लोकतंत्र की उस परंपरा का प्रतीक है जिसमें सत्ता से…
झारखंड के 24 दिनों लंबे छात्र आंदोलन ने केवल एक भर्ती परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया है; उसने…
…….पण्डित प्रदीप शुक्ल भारतीय राजनीतिक विमर्श में पिछले कुछ वर्षों में शब्दावलियों का एक नया शस्त्रागार तैयार किया गया है।…
भारत की राजनीति का कैनवास तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक समीकरणों, जातिगत लामबंदी और दलीय निष्ठाओं के दौर से…
“आजादी की 79वीं सालगिरह, 80वें स्वतंत्रता दिवस की दहलीज और आत्ममंथन का वह सवाल जिससे बचना अब संभव नहीं” 15…
….पण्डित प्रदीप शुक्ल “इतिहास केवल तिथि नहीं, चेतावनी भी है” “माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्याः।” — (अथर्ववेद) यह केवल कोई साधारण…