हमने ईमानदारी को सामान्य कर्तव्य मानना ही छोड़ दिया!
…..सी एम जैन किसी लोकतंत्र की असली हालत जाननी हो तो संसद, सचिवालय या संविधान की किताब देखने की आवश्यकता…
…..सी एम जैन किसी लोकतंत्र की असली हालत जाननी हो तो संसद, सचिवालय या संविधान की किताब देखने की आवश्यकता…
लोकतंत्र में जन-आंदोलन कोई असामान्य अवांछित घटना नहीं, बल्कि उसकी जीवंतता का प्रमाण होते हैं। भारतीय संविधान हर नागरिक को…
…..पण्डित प्रदीप शुक्ल “जब संसद, अदालत, छात्र-आंदोलन और नागरिक अधिकार एक ही दिन में सामने हों, तब मीडिया का असली…
…………पण्डित प्रदीप शुक्ल भारत का लोकतंत्र केवल चुनाव कराने की तकनीकी व्यवस्था नहीं है; वह नागरिकों की समान राजनीतिक भागीदारी,…