क्या भारत अभी भी ब्रिटेन के कब्जे में है?
क्या सच में भारत आज़ाद है?…..प्रदीप कुमार नायक पंद्रह अगस्त उन्नीस सौ सैंतालीस की आधी रात को जब तिरंगा लहराया…
क्या सच में भारत आज़ाद है?…..प्रदीप कुमार नायक पंद्रह अगस्त उन्नीस सौ सैंतालीस की आधी रात को जब तिरंगा लहराया…
राजनीतिक रैलियों, शोर-शराबे और पारंपरिक वादों के कोलाहल के बीच, देश की राजनीति और वैचारिक पटल पर एक ऐसा मोड़…
भारतीय लोकतंत्र की मूल आत्मा इस बात में निहित है कि शासन करने वाले दल या व्यक्ति जनसामान्य के प्रति…
पंचायत से लेकर संसद तक, कुर्सी महिला की और कलम पुरुष की ….प्रदीप नायक बिहार के गांवों से लेकर राज्य…
षष्ठम् राज्य वित्त आयोग की ₹8,96,306 की हकीकत .….प्रदीप कुमार नायक मधुबनी । मधुबनी जिले के राजनगर गांधी चौक से…
भारतीय रेडियो प्रसारण की संगठित शुरुआत 23 जुलाई 1927 को इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी के बम्बई केंद्र से हुई थी। 1930…
…प्रदीप कुमार नायक सावन का महीना आते ही भक्ति के साथ-साथ सेवा का भाव भी जन-जन में जागृत हो जाता…
लोकतंत्र का सबसे अजीब दृश्य यही है। चौराहे पर खड़े होकर हर आदमी कहेगा “नेता सब चोर हैं, सिस्टम बिक…
“स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण, चेतना और आने वाली पीढ़ियों में संस्कारों का…
….प्रदीप कुमार नायक सोशल मीडिया पर अमोल कुमार राय उर्फ अमोल क्रान्ति का एक वाक्य आग की तरह फैल रहा…