‘हाईप्रोफाइल’ अय्याशी के लिए ट्रेन में उड़ता था करोड़ों के गहने! 11 राज्यों की पुलिस को छकाने वाला अंतर्राज्यीय सुपरचोर इंदौर GRP के हत्थे चढ़ा।

इंदौर / पुलिस दर्पण न्यूज़ पोर्टल

इंदौर। जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) इंदौर को एक ऐसी बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जिसकी गूंज देश के कई राज्यों में सुनाई दे रही है। ट्रेन के एसी कोचों में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर और अंतर्राज्यीय चोर को इंदौर जीआरपी ने फिल्मी स्टाइल में दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस ने 15 लाख रुपये कीमत के सोने के शत-प्रतिशत आभूषण बरामद कर लिए हैं।
इस शातिर चोर को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को 11 राज्यों के खाक छानने पड़े और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने पड़े, तब जाकर यह ‘सुपरचोर’ पुलिस के जाल में फंसा।
शांति एक्सप्रेस के A-2 कोच में उड़ाया था लेडीज पर्स
घटना 16 मार्च की है, जब इंदौर के विष्णुपुरी मेन रोड की रहने वाली मीना बिनवानी (59 वर्ष) अपने पति के साथ अहमदाबाद से इंदौर आ रही शांति एक्सप्रेस (ट्रेन 19309) के ए-2 कोच में सफर कर रही थीं। सफर के दौरान उन्होंने अपना लेडीज पर्स सिरहाने रखा और सो गईं। सुबह इंदौर स्टेशन पहुंचने पर पता चला कि पर्स गायब है। पर्स में करीब 11.8 तोला सोने के जेवर, नगदी और मोबाइल था। फरियादिया की रिपोर्ट पर जीआरपी इंदौर ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
500 कैमरे, 11 राज्य और ‘ऑपरेशन जित्तू’
रेलवे एसपी अरविंद तिवारी और डीएसपी ज्योति शर्मा के निर्देशन में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक रश्मि पाटीदार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई।
तकनीकी जाल: टीम ने इंदौर से रतलाम के बीच पड़ने वाले सभी स्टेशनों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
पहचान: आखिरकार शातिर चोर की पहचान जितेन्द्र चावला उर्फ जित्तू (37 वर्ष), निवासी नैनीताल (उत्तराखंड) के रूप में हुई।
देशव्यापी घेराबंदी: आरोपी इतना शातिर था कि लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इंदौर पुलिस की टीमें उसकी तलाश में फरीदाबाद, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, बनारस, नैनीताल, चित्तौड़गढ़, हैदराबाद, अहमदाबाद और दिल्ली तक दौड़ती रहीं। आखिरकार, अथक प्रयासों के बाद उसे नीमच से दबोच लिया गया।
शराब, शबाब और सैर-सपाटे का शौक: 7 राज्यों में दर्ज हैं 20 से ज्यादा केस
आरोपी की इनसाइड स्टोरी:
पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपी जित्तू बेहद महंगी और आलीशान लाइफस्टाइल जीने का आदी है। वह महंगे वाइन बार में जाने, नई-नई महिला मित्र (गर्लफ्रेंड) बनाने और देश के कोने-कोने में घूमने के अपने शौक को पूरा करने के लिए ट्रेनों में चोरियां करता था।
जित्तू ने कबूला कि वह मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में चोरियों की दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसकी पुरानी जमानतों को निरस्त कराने की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शत-प्रतिशत चोरी गए जेवर बरामद कर लिए हैं, जिनकी बाजार में कीमत करीब 15 लाख रुपये है:
सोने का हार: 4 तोला
सोने के कंगन: 2 पीस (5 तोला)
सोने की अंगूठियां: 4 पीस (2 तोला)
कान के टॉप्स: 1 जोड़ी (8 ग्राम)
(नोट: आरोपी ने पकड़ाए जाने के डर से चोरी का मोबाइल तोड़कर ट्रेन से बाहर फेंक दिया था)
इस जांबाज टीम को मिला इनाम
इस बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक रश्मि पाटीदार, सउनि मो. यूनुस गौरी, आरक्षक आकाश, सतेन्द्र, नीरज पंत, राजकुमार, चेतन नरवले, प्रआर मनोज जाट (जीआरपी रतलाम) और साइबर सेल प्रभारी प्रआर इंदर सिंह की मुख्य भूमिका रही। उच्च अधिकारियों ने टीम की इस सफलता की जमकर सराहना की है।

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