चाय की दुकान पर रची साजिश: नकली ‘बाप-बेटा’ खड़े कर 17 लाख में बेच डाली 4 बीघा जमीन!
■ रतलाम में ठगी का अनोखा खेल: असली मालिक का भतीजा मिला तो उड़े होश, पैसे मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी, 5 पर केस दर्ज
रतलाम संवाददाता/ पुलिस दर्पण
शहर के कालिका माता क्षेत्र में रहने वाले एक शख्स के साथ ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान है। शातिर ठगों ने फिल्म ‘खोसला का घोंसला’ की तर्ज पर बकायदा नकली जमीन मालिक और उसका नकली बेटा तैयार किया और एक खरीदार को 17 लाख रुपये में चार बीघा जमीन का सौदा कर 12 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब खरीदार मौके पर पहुंचा तो पता चला कि जमीन का असली वारिस तो कोई और ही है। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
चाय की चुस्की के साथ बुना ठगी का जाल
मिली जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर (कालिका माता मंदिर के पास) निवासी कमल कुमार चक को कुछ समय पहले बंटूलाल और उसका बेटा ऋषभ पुराने कलेक्टोरेट स्थित जनपद पंचायत कार्यालय के सामने एक चाय की दुकान पर मिले। उन्होंने कमल कुमार को झांसा दिया कि ग्राम खोखरा के पास सर्वे नंबर 82/2 की 4 बीघा जमीन बेहद सस्ते दाम (5 लाख रुपये बीघा से भी कम) में बिक रही है। झांसे में आकर कमल कुमार ने अपने साथी बाबूलाल मालवीय के साथ जाकर जमीन देख ली।
जमीन मालिक का ‘डबल रोल’: किराए के ठग बने बाप-बेटा
जब कमल कुमार ने असली मालिक से मिलने की बात कही, तो ठगों ने बहाना बना दिया कि मालिक बाहर है। दो दिन बाद बंटूलाल दो अज्ञात लोगों को लेकर आया और उन्हें जमीन का मालिक ‘मनीराम चर्मकार’ और उसका बेटा ‘मुकेश’ बताकर मिलवाया।
लाखों की डील: 17,11,000 रुपये में सौदा तय हुआ। कमल कुमार ने भरोसे में आकर 4.60 लाख रुपये चेक से और 7.40 लाख रुपये तीन अलग-अलग किश्तों में (कुल 12 लाख रुपये) आरोपियों को दे दिए। बाकी रकम रजिस्ट्री के वक्त दी जानी थी।
खेत पर पहुंचे तो पैरों तले खिसक गई जमीन
सौदा होने के करीब दो महीने बाद जब कमल कुमार और बाबूलाल ग्राम खोखरा पहुंचे, तो वहां चौपाल पर जमीन के असली मालिक का भतीजा राधेश्याम परमार और कुछ ग्रामीण बैठे थे। बातों-बातों में जब कमल ने जमीन का जिक्र किया, तो ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि असली मालिक ने तो कभी जमीन बेचने की बात ही नहीं की। यह सुनते ही कमल के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पैसे मांगने गए तो मिली ‘लाश गायब करने’ की धमकी
फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर जब कमल ने बंटूलाल को घेरा, तो उसने अपनी गलती कबूल की और 20 दिन में पैसे लौटाने का वादा किया। विश्वास दिलाने के लिए ठगों ने दो चेक दिए और अपने घर के पीछे की जमीन का एक अनुबंध भी किया। लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी न तो पैसे लौटाए गए और न ही रजिस्ट्री की गई। उल्टा जब कमल अपने पैसे मांगने गया, तो आरोपियों ने रंगदारी दिखाते हुए कहा— “जो करना है कर ले, अगर दोबारा गांव में दिखे तो जान से मारकर फेंक देंगे, पता भी नहीं चलेगा।”
थाने पहुंची शिकायत, इन 5 आरोपियों पर बीएनएस (BNS) के तहत केस दर्ज:
पीड़ित की शिकायत और एसपी के निर्देश के बाद थाना स्टेशन रोड पुलिस ने जांच कर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नामजद आरोपी:
बंटूलाल पिता मोहनलाल सुतार (मुख्य साजिशकर्ता)
कमलेश पिता मोहनलाल सुतार
ऋषभ पिता बंटू सुतार
लालू मोगिया (जो नकली जमीन मालिक ‘मनीराम’ बना था)
जितेन्द्र पिता दशरथ परमार भील (जो नकली बेटा ‘मुकेश’ बना था)पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस बड़ी धोखाधड़ी के सामने आने के बाद इलाके के प्रॉपर्टी बाजार में हड़कंप मच गया है।

