140 दुर्लभ आम की किस्मों का संरक्षण कर रच रहे सफलता की नई इबारत, सालाना 22 लाख तक का कारोबार बना किसानों के लिए प्रेरणा।
अलीराजपुर | पुलिस दर्पण
अलीराजपुर जिले के ग्राम छोटा उंडवा के प्रगतिशील कृषक युवराजसिंह राठौर ने अपनी मेहनत, वैज्ञानिक खेती और नवाचार के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर जिले और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। आम महोत्सव-2026 में उत्कृष्ट आम किस्मों के प्रदर्शन के लिए उन्हें कई श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुए, जिससे अलीराजपुर की पहचान देशभर में और मजबूत हुई।
सीमित संसाधनों से शुरुआत करने वाले युवराजसिंह राठौर आज अपने कृषि फार्म पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की लगभग 140 प्रसिद्ध आम की किस्मों का संरक्षण और उत्पादन कर रहे हैं। उनके बाग से हर वर्ष 20 से 22 लाख रुपये मूल्य के आम मध्यप्रदेश के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में भेजे जाते हैं।
युवराजसिंह बताते हैं कि खेती की प्रेरणा उन्हें अपने दादाजी से मिली। बचपन से प्रकृति और खेती के प्रति लगाव ने उन्हें आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान में वे राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में उन्नत तकनीकों से आम की खेती कर रहे हैं। साथ ही वे अपने अनुभव अन्य किसानों और युवाओं के साथ साझा कर उन्हें आधुनिक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
हाल ही में लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में आयोजित आम महोत्सव-2026 में युवराजसिंह राठौर ने अपनी बेहतरीन आम किस्मों का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में उन्हें फजली, रूमानी, नूरजहां, राजापुरी, केसर, मनोहारी और हापुस किस्मों में प्रथम पुरस्कार, जबकि चौसा किस्म में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के उद्यानिकी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने उन्हें सम्मानित किया।
युवराजसिंह राठौर की सफलता अलीराजपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और सतत परिश्रम से खेती को लाभकारी, सम्मानजनक और युवाओं के लिए आकर्षक व्यवसाय बनाया जा सकता है।
अपनी सफलता का संदेश देते हुए युवराजसिंह कहते हैं, “यदि किसान अपने खेत को केवल जमीन नहीं, बल्कि अपने सपनों की पहचान समझकर मेहनत करें, तो वही खेत उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।”
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए विश्वास जताया है कि उनकी सफलता जिले के अन्य किसानों और युवाओं को भी नवाचार एवं आधुनिक कृषि की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

