नाबालिग से दुष्कर्म के बाद अवैध गर्भपात का सनसनीखेज मामला! पुलिस ने महिला डॉक्टर को किया गिरफ्तार

बिना पंजीकृत क्लीनिक में गर्भपात कराने का आरोप, भ्रूण नष्ट करने और पुलिस को सूचना नहीं देने का भी आरोप; मुख्य आरोपी पहले ही पहुंच चुका है जेल

संवाददाता बैतूल देवीनाथ लोखंडे

बैतूल। जिले के मुलताई में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के बाद अवैध गर्भपात कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांढुर्णा निवासी एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि डॉक्टर ने अपने बिना पंजीकृत क्लीनिक में नाबालिग पीड़िता का अवैध गर्भपात किया, मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी और गर्भपात से प्राप्त भ्रूण को सुरक्षित रखने के बजाय नष्ट कर दिया।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपूसे एवं एसडीओपी मुलताई एस.के. सिंह के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में की गई।

पुलिस के अनुसार 17 जून 2026 को थाना मुलताई में दर्ज शिकायत में एक महिला ने आरोप लगाया था कि गांव निवासी मोनू साहू ने पिछले लगभग छह माह से उसकी नाबालिग बेटी के साथ कई बार जबरन दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस का कहना है कि इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई।

परिजनों द्वारा पहले छिंदवाड़ा और बाद में नागपुर में उपचार कराए जाने पर चिकित्सकीय परीक्षण में कथित रूप से गर्भपात होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार गर्भपात के बाद पीड़िता की हालत गंभीर हो गई थी और उसे नागपुर के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।

मुलताई पुलिस ने अपराध क्रमांक 507/2026 में पहले ही मुख्य आरोपी मोनू साहू को 22 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था।

विवेचना के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर पांढुर्णा निवासी डॉ. चेतना चरपे को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने चिकित्सकीय एवं कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया तथा मुख्य आरोपी के भाई के कहने पर 14-15 जून की रात पीड़िता को अपने क्लीनिक में रखकर उपचार किया।

पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, पॉक्सो अधिनियम तथा गर्भ का चिकित्सीय समापन (एमटीपी) अधिनियम की विभिन्न धाराएं भी जोड़ी हैं। आरोपी डॉक्टर को 15 जुलाई 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास पटेल, चौकी प्रभारी दुनावा उपनिरीक्षक आम्रपाली डाहट, प्रधान आरक्षक सुनील पंद्राम, आरक्षक अभिषेक एवं महिला आरक्षक मेघा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने नागरिकों से महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध, यौन शोषण, बाल विवाह और अवैध चिकित्सकीय गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!