रतलाम के सिखेड़ी शासकीय स्कूल में छात्रों और अभिभावकों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर के निर्देश के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप।
नामली (रतलाम) पुलिस दर्पण
रतलाम । जिले की नामली तहसील से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सिखेड़ी के शासकीय विद्यालय में जर्जर भवन और अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। आरोप है कि बरसात के दौरान स्कूल की छत से लगातार पानी टपक रहा है और कई जगहों से प्लास्टर गिर रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले वर्ष भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर जर्जर भवन की शिकायत की थी, लेकिन केवल आश्वासन मिला। इस वर्ष भी हालात नहीं बदले हैं। हाल ही में अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर बच्चों की स्थिति देखी और छत से प्लास्टर गिरता देखकर उन्हें कक्षाओं से बाहर निकाल दिया।
इसी बीच स्कूल के छात्र-छात्राओं ने मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) व्यवस्था में भी कथित अनियमितताओं की शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलता, कई बार गंदे बर्तनों में भोजन परोसा जाता है और बर्तनों की सफाई भी बच्चों से कराई जाती है।
मामले की जानकारी मिलने पर रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं जिला शिक्षा केंद्र रतलाम के जिला परियोजना समन्वयक अखिलेश राजपूत ने बताया कि जर्जर भवन की मरम्मत के लिए पहले भेजा गया प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका था। अब नया प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर के माध्यम से भेजा जाएगा, ताकि जल्द राशि स्वीकृत हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मिड-डे मील संबंधी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो पुरानी समिति को समाप्त कर नई समिति गठित की जाएगी। साथ ही बच्चों से सफाई कार्य कराने की शिकायतों की भी जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे।
अब ग्रामीणों और अभिभावकों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। उनका कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान होना चाहिए ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सकें।

