“रेलवे प्लेटफार्म पर मिली नन्ही परी: — सांसद ने गोद लेने और सुरक्षा का आश्वासन दिया”
रतलाम / पुलिस दर्पण
सोमवार की सुबह रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 01 पर मिली एक नन्हीं नवजात कन्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया। दिनांक 04 जुलाई की शाम लगभग 06 बजे जी.आर.पी. और आर.पी.एफ. जवानों द्वारा भिण्ड एक्सप्रेस के स्लिपर कोच (एस-02) से अकेला पाया गया यह छोटा सा जीवन, केवल 2.750 किलोग्राम वजनी और लगभग 6-7 दिन की उम्र का था। ठंडी प्लेटफार्म की सतह पर बेबस पड़ी इस मासूमियत ने राहगीरों के दिलों में सवालों की आग जगा दी — कैसे और क्यों छोड़ दी गई बच्ची?
तुरंत कार्रवाई करते हुए ए.एस.आई. श्री नोशाद खान और उनकी टीम (प्रधान आरक्षक श्री मोहम्मद रईश शेख, आरक्षक सुश्री राधिका पोपड़िया) ने नवजात को सुरक्षित कर एस.एन.सी.यू., एम.सी.एच. इकाई, जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती कराया। आई.पी.यू. प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रतीक आर्य ने नवजात का परीक्षण किया और चिकित्सा टीम ने तुरंत आवश्यक उपचार शुरू कर दिया।
अस्पताल प्रशासन तथा रोगी कल्याण समिति के सदस्य और समाजसेवी रतलाम विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष श्री गोविंद काकानी भी मौके पर मौजूद रहे और देखभाल में हाथ बढ़ाया। नवजात की खबर फैलते ही आज सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय, पूर्व विधायक श्रीमती संगीता चारेल समेत स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और कार्यकर्त्ता अस्पताल पहुंचे। सांसद ने मासूम को गोद लेने तथा उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता रखने का आश्वासन देते हुए कहा, “यह बच्ची हमारी बेटी है — इसकी रक्षा और पालन-पोषण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
सांसद ने अस्पताल की सफाई और चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संतोष व्यक्त किया और लोगों से आग्रह किया कि इस तरह की नृशंस हरकतें न करें और मिलने वाली किसी भी बच्ची-बच्चे के लिए जिम्मेदारी उठाएँ। अस्पताल टीम ने बताया कि नवजात को फिलहाल एस.एन.सी.यू. में रखा गया है और उसकी स्थिति स्थिर है।
साथ में उपस्थित चिकित्सक डॉ. सोफिया सिंगारे (स्त्रीरोग विशेषज्ञ), डॉ. मीना वर्मा, अस्पताल प्रबंधक डॉ. शिवम श्रीवास्तव एवं अन्य कर्मचारी बच्चे के देखभाल में जुटे हैं। मामले की विस्तृत जांच जी.आर.पी. द्वारा जारी कर दी जाएगी और पुलिस सभी सम्भावित सुरागों की पड़ताल कर रही है। रात की तन्हाई में किसी अंजान हाथ से छोड़ दिया गया यह नन्हा जीवन अब शहर की संवेदनाओं का केन्द्र बन चुका है।
समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मिलकर इसे सुरक्षित घर दिलाने तक हर सम्भव प्रयास करने का वादा कर चुके हैं। रतलाम के लोग आश्वस्त हैं कि इस मासूम को अब लावारिस नहीं रहने दिया जाएगा—यहाँ का हर दिल उसकी माँ बनेगा।
एस.एन.सी.यू., जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती; चिकित्सा परीक्षण व उपचार जारी। सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान ने गोद लेने/सुरक्षा का आश्वासन दिया।
जी.आर.पी. व आर.पी.एफ. मामले की जांच कर रहे हैं; समाजसेवी व अस्पताल टीम देखभाल में सक्रिय।

