10 हजार से अधिक श्रद्धालु ग्रहण करेंगे महाप्रसादी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र और बाबा जी के कुआं स्थित कुटिया पर सुबह से यज्ञ-हवन
नामली। रतलाम/पुलिस दर्पण
नामली। मालवा अंचल के श्रद्धालुओं के आस्था केंद्र रहे ब्रह्मलीन संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री मंगलदास जी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर 2 सितंबर बुधवार को शाम 4 बजे से न्यू बस स्टैंड, नामली पर नगर भोज एवं महा भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार भंडारे में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के भोजन प्रसादी ग्रहण करने की संभावना है। संत श्री मंगलदास जी महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद उनकी स्मृति में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर गुरु भक्तों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों में विशेष उत्साह है।
दो स्थानों पर सुबह से होंगे धार्मिक अनुष्ठान
पुण्यतिथि के अवसर पर धार्मिक आयोजनों की शुरुआत सुबह से ही हो जाएगी। रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित ब्रह्मलीन संत श्री मंगलदास जी महाराज की कुटिया पर सुबह से यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु यज्ञ में शामिल होकर आहुतियां अर्पित करेंगे और गुरुदेव का स्मरण करते हुए धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। वहीं बाबा जी के कुआं स्थित ब्रह्मचारी तपस्वी श्री गणेश दास जी महाराज की कुटिया पर भी सुबह से यज्ञ-हवन एवं आहुतियों का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बाल ब्रह्मचारी गणेश दास जी महाराज के सानिध्य में होने वाले इन धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में गुरु भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
शाम 4 बजे से नगर भोज एवं महा भंडारा
धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात शाम 4 बजे से न्यू बस स्टैंड, नामली पर नगर भोज एवं महा भंडारे का आयोजन होगा। आयोजन में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित नामली और अन्य स्थानों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी।
आयोजकों की ओर से धर्मप्रेमी नागरिकों से इस पुण्य कार्य में तन-मन-धन से सहयोग करने तथा अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर गुरुदेव का आशीर्वाद एवं पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।
संत श्री मंगलदास जी महाराज के जीवन और उनकी धार्मिक साधना को लेकर क्षेत्र में गहरी श्रद्धा रही है। उनके ब्रह्मलीन होने के समय भी नामली सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। पुण्यतिथि का यह आयोजन धार्मिक श्रद्धा, गुरु भक्ति, यज्ञ-हवन और सेवा का संगम बनेगा। सुबह से शुरू होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के बाद शाम को विशाल नगर भोज एवं महा भंडारे में हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे।

