संवाददाता — पुलिस दर्पण, मध्य प्रदेश
नौरोजाबाद। नौरोजाबाद क्षेत्र में NH-43 के पठारी रेलवे फाटक और सस्तरा के बीच स्थित घोड़छत्र नदी के दोनों किनारों पर कथित रूप से मुरूम की खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी क्षेत्र में लंबे समय से हो रही खुदाई से प्राकृतिक तटों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। इससे नदी के अस्तित्व और आसपास के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि नदी के किनारे मशीनों के माध्यम से मुरूम निकालने की गतिविधियां की जा रही हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो बरसात के दौरान नदी के किनारों के कटाव की समस्या और गंभीर हो सकती है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि उत्खनन वैध अनुमति के तहत हो रहा है या नियमों की अनदेखी कर किया जा रहा है।
मामले में खनिज विभाग की भूमिका और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि नदी क्षेत्र में उत्खनन गतिविधियां चल रही थीं तो विभागीय अधिकारियों की नियमित निगरानी क्यों नहीं हुई।
इस संबंध में खनिज निरीक्षक प्रभात पट्टा ने मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि संबंधित ठेकेदार के पास वैध अनुमति है या नहीं और उत्खनन निर्धारित सीमा एवं नियमों के अनुरूप किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा करने और अवैध उत्खनन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

