देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल, 28 अगस्त 2026। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी किए गए आदेश क्रमांक 356/2026 दिनांक 12.06.2026 का खुलेआम उल्लंघन सामने आ रहा है। प्रशासनिक दृष्टि से 64 पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण का आदेश जारी हुए दो महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन कई कर्मचारी आज भी अपनी पुरानी जगह पर ही यथावत बने हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार आदेश में स्पष्ट निर्देश था कि सभी कर्मचारी तत्काल नवीन पदस्थापना पर आमद दें, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कई थानों में स्थानांतरित हो चुके प्रधान आरक्षक और आरक्षक आज भी पुराने थानों में ही ड्यूटी करते देखे जा रहे हैं।
सरकारी आदेश का मजाक –
नियम के अनुसार तबादला आदेश जारी होने के 24 घंटे के भीतर रवानगी और आमद देनी होती है, लेकिन यहां रसूखदार कर्मचारियों ने आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इससे ईमानदारी से आमद देने वाले कर्मचारियों में भी भारी आक्रोश है।
एक पुलिसकर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि – “जुगाड़ वाले थानों में जमे हुए हैं, और हम गरीब कर्मचारियों को तुरंत रवाना कर दिया जाता है।”
इस लापरवाही से न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि आम जनता के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। कई थानों में स्टाफ की कमी के कारण एफआईआर और शिकायतों पर कार्रवाई में देरी हो रही है।
अब सवाल यह उठता है कि जब पुलिस ही अपने मुखिया के आदेश का पालन नहीं करेगी, तो आम जनता से कानून के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है? क्या रक्षित निरीक्षक और थाना प्रभारी जानबूझकर अपने चहेते कर्मचारियों को बचाने में लगे हैं?
जनता की मांग है कि पुलिस अधीक्षक इस मामले में कड़ा संज्ञान लेकर आदेश का पालन न करने वाले कर्मचारियों और संबंधित थाना प्रभारियों पर सख्त कार्रवाई करें।

