मुखबिर की सूचना पर पिपलोदा फंटे से धराया आरोपी, पूछताछ में कबूला घंटाघर से बाइक चोरी का जुर्म
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम । जिले की सैलाना थाना पुलिस ने वाहन चोरी के एक मामले का त्वरित खुलासा करते हुए चोरी की मोटरसाइकिल सहित एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (क्रमांक MP-43-ZM-2366) बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम गोवर्धनपुरा निवासी फरियादी 11 जुलाई 2026 को खाद खरीदने के लिए अपनी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से सैलाना आया था। उसने सुबह करीब 11 बजे घंटाघर गेट के पास बाइक खड़ी की और खाद लेने चला गया। लौटने पर बाइक गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी वाहन का पता नहीं चलने पर उसने थाना सैलाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी श्रीमती नीलम बघेल के निर्देशन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक पिपलोदा फंटे स्थित देशी शराब दुकान के पीछे चोरी की बाइक बेचने की फिराक में घूम रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर संदिग्ध भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ में कबूला चोरी का अपराध
गिरफ्तार युवक ने अपना नाम ईश्वर पिता हुरजी भगोरा (25 वर्ष), निवासी ग्राम मोरझर, थाना सरवन, जिला रतलाम बताया। पूछताछ में उसने घंटाघर, सैलाना से मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने केदारेश्वर घाटा, सरवन रोड के पास झाड़ियों में छिपाकर रखी गई चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली। पुलिस अब आरोपी से अन्य चोरी एवं आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में एसडीओपी श्रीमती नीलम बघेल के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश, उपनिरीक्षक शिवनाथ सिंह राठौर, उपनिरीक्षक शंकर सिंह शक्तावत, प्रधान आरक्षक मनीष कुमार ओझा, महिला आरक्षक टीना सिसोदिया, प्रधान आरक्षक अभिषेक पाठक, आरक्षक तूफान भूरिया, राजू निनामा, अर्जुन मकवाना, यशपाल धनगर, दिनेश पाटीदार एवं आनंद सिंह भाटी की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके।

