रतलाम में सड़क सुरक्षा पर सख्त हुई प्रशासनिक मशीनरी: नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, राहगीरों की जान बचाने वालों को मिलेंगे ₹25 हजार
रतलाम / पुलिस दर्पण
जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी की जिला स्तरीय बैठक कलेक्टर सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, अपर कलेक्टर श्री बृजेश रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त श्री अनिल भाना, एसडीएम शहर श्री तरुण जैन, ट्रैफिक डीएसपी श्री आनंद सोनी, आरटीओ श्री जगदीश बिल्लोरे, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, सीएमएचओ डॉ. किरण वाडिवा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए पीएम राहत योजना और राहवीर योजना की विस्तृत समीक्षा की।
कलेक्टर ने बताया कि पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निकटतम अस्पताल में भर्ती कराने पर सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। वहीं राहवीर योजना के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी निजी अस्पतालों के चिकित्सकों एवं स्टाफ को इन योजनाओं का प्रशिक्षण दिया जाए तथा प्रत्येक अस्पताल में इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी नामित किए जाएं, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल और प्रभावी सहायता मिल सके।
बैठक में आरटीओ विभाग को बसों की नियमित जांच, वाहन चालकों की आंखों की जांच, स्पीडोमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी बसें केवल निर्धारित स्टॉपेज पर ही यात्रियों को चढ़ाएं और उतारें। मार्ग में अनधिकृत रूप से बस रोककर सवारी बैठाने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसर में निजी एंबुलेंसों की अनावश्यक पार्किंग पर कार्रवाई, मेडिकल कॉलेज के बाहर अतिक्रमण हटाने, हाईवे किनारे संचालित अनधिकृत ढाबों की जांच, लेबर मार्केट के लिए अलग स्थान चिन्हित करने तथा शहर में मल्टीपल पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने सड़क दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वित कार्रवाई और जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

