नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का बवाल; NH-44 घंटों जाम, पुलिस से झड़प के बाद हाई अलर्ट।
दतिया (मध्यप्रदेश) / पुलिस दर्पण।
दतिया । मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते बड़े आंदोलन में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया, जिससे लंबा यातायात प्रभावित हुआ। कई समाचार संस्थानों ने हाईवे जाम, पुलिस से झड़प और तनावपूर्ण स्थिति की पुष्टि की है।
भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। टिकट घोषित होते ही हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए। विरोध के दौरान कई स्थानों पर नारेबाजी हुई और हाईवे पर धरना देकर आवागमन बाधित कर दिया गया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पथराव की घटनाएं हुईं, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए और कुछ सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
विवाद बढ़ने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा स्वयं सामने आए और अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और किसी भी कार्यकर्ता को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे संगठन की छवि धूमिल हो। उन्होंने हिंसक विरोध से बचने की भी अपील की। दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना प्रस्तावित है। ऐसे में भाजपा के सामने अब केवल चुनावी मुकाबला ही नहीं, बल्कि संगठन के भीतर फैले असंतोष को शांत कर कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है।

