नामली का लहसुन अब करेगा दुनिया में धमाका

विदेशों तक पहुंचेगा Garlic Powder, FPO लगाएगा अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट

राष्ट्रीय बीज निगम की डीलरशिप को भी मिली मंजूरी, किसानों को मिलेगा प्रमाणित बीज, बेहतर दाम और स्थानीय स्तर पर रोजगार का बड़ा अवसर

नामली (रतलाम) | पुलिस दर्पण

रतलाम ।जिले का नामली अब केवल लहसुन उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि लहसुन प्रोसेसिंग और निर्यात के लिए भी नई पहचान बनाने जा रहा है। पारस्परिक किसान उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित (FPO), नामली की संचालक मंडल की बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
बैठक का सबसे बड़ा और दूरगामी फैसला नामली में लहसुन पाउडर एवं लहसुन पेस्ट निर्माण के अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना का रहा। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों की उपज का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन होगा, जिससे उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और नामली का लहसुन देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेगा।
संस्था अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की संपूर्ण कागजी प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव भोपाल भेज दिया गया है। आवश्यक स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। प्लांट के लिए भूमि भी लीज पर ली जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नामली क्षेत्र मध्य प्रदेश के प्रमुख लहसुन उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। अब किसानों को केवल कच्चा लहसुन बेचने तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि प्रोसेसिंग के बाद तैयार उत्पाद के रूप में अधिक मूल्य प्राप्त होगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रीय बीज निगम की डीलरशिप से मिलेगा बड़ा लाभ

बैठक में राष्ट्रीय बीज निगम (NSC), नई दिल्ली की अधिकृत डीलरशिप लेने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके बाद संस्था आगामी रबी और खरीफ सीजन में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराएगी। साथ ही सदस्य किसानों को उन्नत किस्म के गेहूं और चना के बीज उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।

किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का लक्ष्य

संस्था अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल किसानों को बीज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनकी उपज का मूल्य बढ़ाकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि “नामली का लहसुन अपनी गुणवत्ता के लिए पहले से प्रसिद्ध है। अब हमारा लक्ष्य है कि यही लहसुन प्रोसेसिंग के बाद विदेशों के बाजारों तक पहुंचे और इसका सीधा लाभ हमारे किसानों को मिले। सहकारिता के माध्यम से किसानों की आर्थिक समृद्धि का यह अभियान लगातार आगे बढ़ेगा।”

बैठक में रहे उपस्थित

बैठक का संचालन संस्था के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुल सूर्यवंशी ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष पुखराज जाट, मोहनलाल वाघेला, संचालक श्रीमती जया राजेश कर्णधार, श्रीमती राधा संजय राठौड़, सुनील उपाध्याय, तूफान सिंह सोनगरा, राजेश परिहार, दिलीप सिंह सोलंकी एवं भीम सिंह राठौर उपस्थित रहे। अंत में संस्था के लेखापाल सूरज चंद्रावत ने सभी का आभार व्यक्त किया।

क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण

•नामली में स्थापित होगा लहसुन पाउडर एवं पेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट।

•स्थानीय स्तर पर होगा मूल्य संवर्धन, किसानों को मिलेंगे बेहतर दाम।

•युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

•नामली के लहसुन को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी।

  • राष्ट्रीय बीज निगम की डीलरशिप से किसानों को मिलेंगे प्रमाणित और उन्नत बीज।

यह निर्णय नामली और आसपास के किसानों के लिए कृषि क्षेत्र में एक नई शुरुआत माना जा रहा है, जो भविष्य में इस क्षेत्र को कृषि प्रसंस्करण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

dilip karndhar✍️ 9009002032

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