रतलाम में सिम कार्ड का बड़ा फर्जीवाड़ा: दूसरों के आधार से निकलवाते थे सिम, ऑनलाइन ठगी में हो रहा था इस्तेमाल

छत्रीपुल की एसएम मोबाइल दुकान के संचालक मोहम्मद इमरान छिपा पर मामला दर्ज, ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत स्टेशन रोड पुलिस की कार्रवाई

रतलाम / पुलिस दर्पण

रतलाम। शहर के छत्रीपुल क्षेत्र में संचालित एसएम मोबाइल दुकान से फर्जी सिम कार्ड जारी किए जाने का मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों और पुलिस जांच के बाद थाना स्टेशन रोड पुलिस ने दुकान संचालक मोहम्मद इमरान छिपा के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि कुछ लोगों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना सिम कार्ड जारी किए गए, जबकि कुछ मामलों में लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड से सिम निकलवाई गई। इन सिमों का इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी में किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस एवं धारा 66(सी) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत की गई है।

शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार संदिग्ध सिम विक्रेताओं, धारकों और एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश के बाद रतलाम में उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने उन लोगों के बयान दर्ज किए, जिनके नाम पर संदिग्ध सिम कार्ड जारी पाए गए थे।

बिना जानकारी के जारी हो गईं दो सिम

जांच के दौरान कृष्णा राठौर पिता नाथूलाल राठौर, निवासी अर्जुननगर रतलाम ने पुलिस को बताया कि 8889632926 और 8962897966 नंबर की दो सिम उनके नाम से जारी हुई हैं, लेकिन उन्होंने दोनों सिम न तो खरीदी और न ही इनके बारे में उन्हें कोई जानकारी है। पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिम जारी होने की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

300 रुपये के लालच में आधार से निकलवाई दो सिम

एक अन्य मामले में प्रणव धाकड़ पिता राजेशकुमार धाकड़, निवासी मीडटाउन कॉलोनी ने पुलिस को बताया कि कुछ माह पहले वह छत्रीपुल क्षेत्र से गुजर रहा था। इस दौरान एक अज्ञात व्यक्ति और महिला ने उससे संपर्क किया। उन्होंने उसके नाम से सिम निकलवाने के बदले 300 रुपये प्रति सिम देने की बात कही।
प्रणव के अनुसार लालच में आकर उसने छत्रीपुल स्थित एसएम मोबाइल दुकान से अपने आधार कार्ड पर एयरटेल कंपनी की दो सिम निकलवाईं। इसके बदले दुकानदार द्वारा उसे 600 रुपये दिए गए। उसने पुलिस को बताया कि उसने इन दोनों सिम का उपयोग नहीं किया और वर्तमान में दोनों सिम कहां हैं, इसकी जानकारी उसे नहीं है।

दोस्त के कहने पर आधार से निकलवाई सिम

इसी तरह दिलीप पिता पूना मकवाना, निवासी आम्बा थाना पिपलौदा ने बताया कि उसके दोस्त रवि ने उसके नाम से एक सिम कार्ड निकलवाने के लिए कहा था। जब वह रतलाम आया तो रवि और उसका एक दोस्त उसके साथ थे। उन्होंने उसे नाश्ता कराने की बात कही और 200 रुपये दिए। इसके बाद उसने दोस्ती के नाते अपने आधार कार्ड से सिम निकलवा दी। बाद में उस सिम का क्या इस्तेमाल हुआ, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है।

ऑनलाइन धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने का आरोप

पुलिस जांच में ऐसे अन्य सिम कार्ड भी सामने आए हैं, जो अलग-अलग लोगों के दस्तावेजों पर जारी किए गए थे। पुलिस के अनुसार इनमें से कुछ सिम का इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी में किया गया। संबंधित मामलों में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।

दुकानदार की भूमिका की जांच

पुलिस ने अब तक सामने आए तथ्यों, उपभोक्ताओं के बयानों और संदिग्ध सिम कार्ड से संबंधित जानकारी के आधार पर एसएम मोबाइल, छत्रीपुल चौराहा के संचालक मोहम्मद इमरान छिपा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सिम जारी करने की प्रक्रिया, दस्तावेजों के इस्तेमाल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े संभावित कनेक्शन की विस्तृत विवेचना की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से सिम कार्ड के जरिए होने वाले साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आधार दस्तावेजों पर जारी मोबाइल सिम की जानकारी समय-समय पर जांचते रहें और किसी अनजान व्यक्ति को अपने दस्तावेज या ओटीपी उपलब्ध न कराएं।

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