CEIR पोर्टल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मिली सफलता, अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का भी पर्दाफाश
भोपाल, 24 अक्टूबर। मध्यप्रदेश पुलिस ने गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाते हुए अक्टूबर माह में अब तक 1,899 मोबाइल फोन जब्त कर उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंपे हैं। इस कार्रवाई में CEIR पोर्टल, साइबर सेल और तकनीकी विश्लेषण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले अपराधियों और अंतरराज्यीय गिरोहों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की है।
सीहोर में 493 मोबाइल बरामद
सीहोर पुलिस ने लगभग 78 लाख रुपये कीमत के 493 मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें से 260 मोबाइल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम तथा 233 मोबाइल संबंधित थानों के माध्यम से उनके मालिकों को लौटाए गए।
देवास में अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
देवास पुलिस ने पांच राज्यों के 22 जिलों में फैली सैकड़ों मोबाइल चोरियों का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये कीमत के 400 मोबाइल फोन और 6 लाख रुपये नकद जब्त किए।
छतरपुर, राजगढ़ और सतना में सफलता
छतरपुर पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के तहत 256 मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए। वहीं, राजगढ़ साइबर सेल ने सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत 251 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 41.34 लाख रुपये है। सतना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और CEIR पोर्टल की मदद से 245 गुम एवं चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए।
जबलपुर और इंदौर पुलिस की कार्रवाई
जबलपुर पुलिस ने 152 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। इंदौर में तिलक नगर, खजराना और लसूड़िया पुलिस ने संयुक्त रूप से तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में 59 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।
दतिया और जीआरपी को भी मिली सफलता
दतिया पुलिस ने मोबाइल दुकान से 42 फोन चोरी होने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 10 लाख रुपये कीमत के 30 मोबाइल बरामद किए। शेष मोबाइल की तलाश जारी है। दूसरी ओर, जीआरपी ग्वालियर की दो इकाइयों ने 13 मोबाइल फोन बरामद किए और आरोपियों के कब्जे से नकदी सहित कुल 1,13,299 रुपये की संपत्ति जब्त की।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर के माध्यम से फोन ब्लॉक कराने तथा ट्रेस करने की प्रक्रिया अपनाएं। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड करने और बैंकिंग संबंधी जानकारी अज्ञात व्यक्तियों से साझा करने से बचें।

