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युवा शक्ति अब केवल ‘डिविडेंड’ नहीं, लोकतंत्र का निर्णायक सवाल है

…….पण्डित प्रदीप शुक्ल “शिक्षा, रोजगार और परीक्षा-व्यवस्था पर बढ़ता छात्र असंतोष आखिर किसकी जवाबदेही तय कर रहा है?” किसी भी…

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लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कब सुरक्षित होगा?

…….पण्डित प्रदीप शुक्ल “पत्रकार कल्याण केवल सुविधा का प्रश्न नहीं, लोकतांत्रिक गणराज्य की संस्थागत मजबूती का भी प्रश्न है” लोकतंत्र…

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सुरक्षा का असली अर्थ: जब विरोध का मंच महिलाओं के लिए भय नहीं, भरोसा बन जाए

……पण्डित प्रदीप शुक्ल भारत में स्त्रियों की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक बहस अक्सर दो झूठे ध्रुवों के बीच फँस जाती…

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बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर: उपचुनावों ने क्या कहा, और क्या नहीं कहा

……पण्डित प्रदीप शुक्ल तीन विधानसभा उपचुनावों के आधिकारिक परिणाम साफ़ हैं: बिहार के बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के प्रशांत…

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प्रधानमंत्री की ‘माफी-राजनीति’ और पीढ़ी का प्रतिरोध: जब सत्ता युवाओं को उपदेश नहीं, जवाब दे

…..पण्डित प्रदीप शुक्ल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति का एक स्थायी चरित्र रहा है—वह स्वयं को “प्रधानसेवक” कहें या “जनसेवक”,…

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