जले हाथ की वजह से नहीं बन पा रहा था आधार, जनसुनवाई में उठा मामला, संवेदनशील पहल से मिली नई पहचान
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम । जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल ने छह वर्षीय बालिका आराध्या वसुनिया के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। लंबे समय से आधार कार्ड नहीं बनने की समस्या से जूझ रही आराध्या को आखिरकार कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के विशेष प्रयासों से नया आधार कार्ड मिल गया। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर ने स्वयं बालिका और उसके परिवार को आधार कार्ड सौंपा।
रतलाम जिले के ग्राम रूपाखेड़ा निवासी आराध्या वसुनिया का एक वर्ष की आयु में दुर्घटनावश हाथ साइलेंसर से गंभीर रूप से जल गया था। हादसे के कारण उसकी उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं रहे, जिससे आधार पंजीयन बार-बार असफल हो रहा था। परिवार ने कई बार आधार बनवाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी।
यह मामला जनकल्याण शिविर के दौरान कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के संज्ञान में आया। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों के समन्वित प्रयास और कलेक्टर की सतत निगरानी के चलते आखिरकार आराध्या का आधार कार्ड सफलतापूर्वक बन गया।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने आराध्या को उसका नया आधार कार्ड सौंपते हुए परिवार को शुभकामनाएं दीं। आधार कार्ड मिलने के बाद परिजनों ने खुशी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और कलेक्टर का आभार जताया।
यह सफलता की कहानी इस बात का उदाहरण है कि संवेदनशील प्रशासन, त्वरित निर्णय और प्रभावी समन्वय से वर्षों पुरानी समस्याओं का भी समाधान संभव है। साथ ही यह पहल शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाने की प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

