ऑपरेशन MATRIX 2.0: इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, म्यूल बैंक खातों से साइबर ठगी का खुलासा

11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज, छह बैंक खातों में करीब एक करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी

20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

इंदौर, 27 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत ऑपरेशन MATRIX 2.0 के अंतर्गत इंदौर में बड़ी कार्रवाई की है। म्यूल बैंक खातों के माध्यम से कथित साइबर ठगी से जुड़े मामले में विजय नगर थाना पुलिस ने 11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक विवेचना में छह बैंक खातों में लगभग एक करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस बैंक खातों, धनराशि के स्रोत और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।

म्यूल बैंक खातों की सूचना पर शुरू हुई जांच

पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस को 26 अक्टूबर 2026 को साइबर अपराधों में कथित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के संबंध में सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की। पूछताछ में प्राप्त जानकारी के बाद पुलिस टीम प्रिंसेस स्काई बिजनेस पार्क स्थित द रैपिड इन्वेस्टर्स कंपनी के कार्यालय पहुंची और कंपनी संचालक से पूछताछ की।

कॉलिंग के जरिए राशि जुटाने की आशंका

प्रारंभिक पूछताछ में जानकारी मिली कि ग्राहकों से कॉलिंग के माध्यम से संपर्क कर राशि प्राप्त की जाती थी। यह राशि कंपनी के खातों और आरोपियों के माध्यम से उपलब्ध कराए गए कथित म्यूल बैंक खातों में जमा होने की बात सामने आई है। प्राप्त राशि में से कर्मचारियों को हिस्सा दिए जाने की जानकारी भी मिली है। हालांकि, इन तथ्यों और संबंधित लेनदेन का सत्यापन अभी विवेचना के दौरान किया जा रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सिम कार्ड जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, तीन सीपीयू, एक हार्ड डिस्क तथा अन्य दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों की जांच के माध्यम से कथित साइबर गतिविधियों, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

बैंक खातों और धनराशि के हस्तांतरण की जांच

पुलिस के अनुसार, अब तक सामने आए छह बैंक खातों में लगभग एक करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। पुलिस खाताधारकों की पहचान, खातों के संचालन, धनराशि के स्रोत और आगे किए गए हस्तांतरण की जांच कर रही है। बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही वास्तविक धोखाधड़ी की राशि तथा प्रभावित व्यक्तियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस की आमजन से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को कमीशन अथवा किराये पर इस्तेमाल के लिए न दें। ओटीपी साझा करने से भी बचें। किसी अनजान स्रोत से खाते में आई राशि को सत्यापन के बिना आगे हस्तांतरित न करें। बैंक खाते के दुरुपयोग या संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

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