ग्वालियर में STF इंस्पेक्टर पर रेप केस में बड़ा उलटफेर: पीड़िता ने FIR को बताया जबरन दर्ज कराई गई, पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप; महिला थाना प्रभारी बोलीं—‘खुद शिकायत लेकर आई थी’

ग्वालियर/ पुलिस दर्पण

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एसटीएफ निरीक्षक आनंद कुमार जाटव के खिलाफ शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। एफआईआर दर्ज होने और आरोपी की तलाश के बीच कथित पीड़िता ने अब अपने आरोपों से पीछे हटते हुए एफआईआर को ही गलत बताया है। महिला का आरोप है कि पुलिस ने उस पर दबाव बनाकर डराया-धमकाया और जबरन शिकायत दर्ज कराई। महिला ने यह भी दावा किया कि उसे कस्टडी में रखा गया तथा मेडिकल जांच के नाम पर कई अस्पतालों में ले जाया गया। महिला के नए बयान के मुताबिक, आनंद कुमार जाटव से उसके पारिवारिक संबंध हैं। उसका कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले उसके पिता और आनंद कुमार के बीच लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जिसे बाद में आपसी स्तर पर सुलझा लिया गया था। महिला का आरोप है कि इसी पुराने विवाद को आधार बनाकर पुलिस ने उसे बुलाया और दबाव बनाते हुए आनंद कुमार के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करा दी।

पहले महिला ने लगाए थे गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार 34 वर्षीय महिला का वर्ष 2022 में अपने पति से विवाद चल रहा था। इसी दौरान थाटीपुर थाने में पदस्थ तत्कालीन एसआई आनंद कुमार जाटव से उसकी पहचान हुई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारी ने केस में मदद का भरोसा देकर उसका मोबाइल नंबर लिया और बातचीत शुरू की। महिला के पूर्व आरोप के अनुसार 10 अक्टूबर 2022 की रात आनंद कुमार उसके किराए के कमरे पर पहुंचा था। उसने कथित तौर पर अपनी पत्नी के कैंसर से पीड़ित होने और हालत गंभीर होने की बात कहते हुए पत्नी की मौत के बाद महिला से शादी करने का भरोसा दिया। महिला का आरोप था कि इसी भरोसे पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि इसके बाद करीब तीन साल तक उसे लिव-इन रिलेशन में रखा गया और बाद में शादी से इनकार कर दिया गया। इसी शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने आनंद कुमार जाटव के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

एफआईआर के बाद आरोपी की तलाश में दबिश

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस के अनुसार आनंद कुमार जाटव फरार था। महिला थाना पुलिस ने उसके भिंड स्थित पैतृक घर सहित करीब 12 संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं मिला। पुलिस ने उसके रिश्तेदारों और करीबी लोगों की जानकारी जुटाकर उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी थी।

महिला थाना प्रभारी ने दबाव के आरोपों को नकारा

महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया के अनुसार महिला स्वयं आनंद कुमार जाटव के खिलाफ शिकायत लेकर थाने आई थी। पुलिस का कहना है कि उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया। महिला ने पुलिस मुख्यालय में भी शिकायत से संबंधित आवेदन दिए थे और उसके बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
ऐसे में अब इस मामले में महिला के बदले हुए बयान ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। एक ओर पुलिस के पास पहले दर्ज एफआईआर और महिला के पूर्व बयान हैं, वहीं दूसरी ओर महिला अब एफआईआर को ही दबाव में दर्ज कराए जाने का आरोप लगा रही है। पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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