भोपाल। पुलिस दर्पण
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब ऐसे आधुनिक ‘प्लग एंड प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां निवेशकों को तैयार औद्योगिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उद्योग लगाने में समय और शुरुआती लागत दोनों कम होंगे तथा निवेशकों को अलग से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सरकार ने पहले चरण में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव तैयार किए हैं। इन परियोजनाओं के तहत करीब 9,047.08 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजनाओं की डीपीआर में कुल लागत करीब 8,144 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत इन आधुनिक औद्योगिक पार्कों के विकास संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि इन पार्कों के विकसित होने से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शुरू हो सकेगा उत्पादन
प्लग एंड प्ले मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए बुनियादी सुविधाओं पर अलग से बड़ा निवेश नहीं करना पड़ेगा। तैयार औद्योगिक ढांचे के कारण कंपनियां अपेक्षाकृत कम समय में अपना उत्पादन शुरू कर सकेंगी।
इससे औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ उत्पादन गतिविधियों को भी तेजी मिलेगी। उद्योगों के विस्तार के साथ कुशल और योग्य युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
भेंसोला में टेक्सटाइल पार्क, पीएम मित्र पार्क को भी मिलेगा लाभ
अधिकारियों के अनुसार धार जिले के भेंसोला औद्योगिक पार्क को टेक्सटाइल पार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसे धार स्थित पीएम मित्र पार्क के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पीएम मित्र पार्क की गतिविधियों को भी सहयोग मिलने की संभावना है।
इसके अलावा प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, सेमीकंडक्टर, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स तथा एवीजीसी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों को विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
प्रदेश के सभी अंचलों में संतुलित औद्योगिक विकास पर जोर
सरकार ने 11 प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों के स्थान तय करते समय प्रदेश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान दिया है। बुंदेलखंड, विंध्य, महाकौशल, चंबल और मालवा सहित अलग-अलग अंचलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास को कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना है, ताकि स्थानीय स्तर पर निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
इन स्थानों पर प्रस्तावित हैं 11 औद्योगिक पार्क
सरकार द्वारा प्रस्तावित 11 प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्कों में अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर (उज्जैन), भेंसोला (धार), पिपलरावां-पालीकालन (देवास-शाजापुर), आईआर रतलाम-पलसोड़ी, आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर (सीहोर), मसवासी ग्रांट (सागर), चैनपुरा (गुना), मोहना (ग्वालियर), धरमपुरा (जबलपुर), सिमरा (कटनी) और शिवसागर (रीवा) शामिल हैं।
सरकार की इस पहल के मूर्त रूप लेने के बाद प्रदेश में उद्योगों के लिए तैयार जमीन और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे निवेशकों को आकर्षित करने, नए उद्योग स्थापित करने और रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

