नया बस स्टैंड पर शाम 4.30 बजे शुरू हुआ भंडारा रात 10 बजे तक चला, 2 हजार कन्याओं-माताओं को फरियाली प्रसादी का वितरण; दर्जनों गांवों सहित धार जिले के नालछा आश्रम से भी पहुंचे श्रद्धालु
नामली/ रतलाम। पुलिस दर्पण
नामली/ रतलाम। धार्मिक नगरी नामली में बुधवार को आस्था, सेवा और संत परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर के इतिहास में पहली बार आयोजित कड़ी-लापसी और पुड़ी के विशाल महाभंडारे में करीब 11 हजार श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। वहीं करीब 2 हजार कन्याओं और माताओं के लिए फरियाली प्रसादी का वितरण भी किया गया। नया बस स्टैंड क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 4.30 बजे महाभंडारे का शुभारंभ हुआ, जो देर रात करीब 10 बजे तक श्रद्धालुओं के आगमन और भोजन प्रसादी ग्रहण करने तक लगातार चलता रहा। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा नया बस स्टैंड क्षेत्र धार्मिक वातावरण और भक्ति के जयकारों से गूंज उठा।
दो स्थानों से बर्तन मंगवाए गए ,तैयार हुई भोजन प्रसादी
11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी तैयार करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके लिए विजय मेरेज गार्डन में भोजन प्रसादी निर्माण की व्यवस्था की गई। कड़ी-लापसी और पुड़ी तैयार करने में करीब 60 तपलों का उपयोग किया गया।
भोजन निर्माण के लिए टेंट हाउस से बड़े बर्तन मंगवाने के साथ ही कुमावत समाज के मंदिर में उपलब्ध बर्तनों का भी उपयोग किया गया। बड़ी संख्या में सेवाभावी कार्यकर्ता सुबह से ही भोजन निर्माण और भंडारे की व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
अस्थाई कुटिया में श्रद्धालुओं ने किए गुरुदेव के दर्शन
नया बस स्टैंड क्षेत्र में ब्रह्मलीन स्वर्गीय 1008 श्री मंगलदास जी महाराज की अस्थाई कुटिया का निर्माण भी किया गया। महाप्रसादी ग्रहण करने से पहले श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन त्यागी महात्मा श्री मंगलदास जी महाराज चरणपादुका व तस्वीर पुष्प अर्पित किए तथा उनके शिष्य बालयोगी तपस्वी श्री गणेश दास जी महाराज के दर्शन लाभ लिए।
सुबह से शुरू हुई धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला
महाभंडारे से पहले बुधवार सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया था। बाबाजी के कुएं स्थित आश्रम पर यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया। यहां श्रद्धालुओं ने गुरुदेव तपस्वी गणेश दास जी महाराज के दर्शन लाभ लिए। इसके बाद बालयोगी तपस्वी गणेश दास जी महाराज एवं उनके शिष्यों द्वारा रुपनगर फंटा-जावरा मुख्य मार्ग स्थित पदचिह्न एवं समाधि स्थल पर अभिषेक, यज्ञ और हवन किया गया। इसके पश्चात नामली स्टेशन रोड स्थित बाऊजी की तपस्या स्थली कुटिया पर यज्ञ-हवन किया गया। यहां हवन में आहुतियां देकर लोक कल्याण एवं जनमंगल की उपासना की गई।
गुरुदेव की परंपरा को आगे बढ़ा रहे गणेश दास महाराज
श्रद्धालुओं के अनुसार बालयोगी तपस्वी ब्रह्मचारी श्री गणेश दास जी महाराज द्वारा प्रतिदिन सुबह-शाम किए जाने वाले हवन-यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों का क्षेत्र के श्रद्धालुओं पर विशेष प्रभाव है। श्रद्धालुओं का मानना है कि ब्रह्मलीन श्री मंगलदास जी महाराज जिस परंपरा और विधि से हवन-यज्ञ एवं ईश्वर स्मरण किया करते थे, उसी परंपरा और भाव से गणेश दास जी महाराज भी यज्ञ-हवन और उपासना को आगे बढ़ा रहे हैं।
गुरुदेव की पुण्यतिथि पर पहली बार विशाल कड़ी-लापसी और पुड़ी का महाभंडारा आयोजित कर तथा स्टेशन रोड स्थित बाऊजी मंगलदास जी महाराज की तपस्या स्थली कुटिया पर हवन-यज्ञ की परंपरा को आगे बढ़ाकर गणेश दास महाराज ने श्रद्धालुओं के बीच गुरु परंपरा के निर्वहन की मिसाल पेश की।
दर्जनों गांवों से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
महाभंडारे में नामली सहित आसपास के कई गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बारोड़ा, भारोड़ा, नौगांवकला, पल्दुना, पंचेड़, धोसवास, सेजावता, बाजेड़ा, कलोरी, सेमलिया, बरबोदना, घटवास, गुणावद, सिखेड़ी, भदवासा, मेवासा, अमलेटा, उसरगार, कण्डरवासा, अगेड़ी, बड़ोदा, नेगड़दा, मोरदा, बोरदा और रुपनगर फंटा सहित अनेक गांवों से श्रद्धालु भंडारे में शामिल हुए। इसके अलावा धार जिले के नालछा आश्रम से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में पहुंचे।
जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और व्यापारी भी रहे मौजूद
विशाल धार्मिक आयोजन में महिला पार्षद श्रीमती ममता डाबी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और व्यापारीगण भी मौजूद रहे। नगरवासियों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और श्रद्धालुओं की सेवा में अपना सहयोग दिया।
अगले वर्ष के महाभंडारे को लेकर भी उत्साह
आयोजन के दौरान अगले वर्ष होने वाले महाभंडारे को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महाप्रसादी निर्माण में उपयोग आने वाली सामग्री को लेकर श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर बोली लगाई। इससे आयोजन के प्रति लोगों की आस्था और अगले वर्ष होने वाले आयोजन में सहभागिता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा विशेष योगदान
कड़ी-लापसी और पुड़ी के विशाल महाभंडारे को सफल बनाने में समाजसेवी बंटी डाबी, ब्रदीलाल धारवा, गोपाल कुंडल, जगदीश यादव कुमावत, बाबूलाल (बबलू) कुमावत, जगदीश कुमावत, तेजाराम जी माकड़ी, राहुल ओझा, मुरली कुमावत, दीक्षित कुमावत, मुकेश चौधरी, राहुल गेहलोत, विश्वास डाबी, कैलाश हेमावास, जीतू पटेल सेमलिया, ईश्वर जाट कलोरी, भारत सिंह, कुलदीप देवड़ा, दिलीप तलवाडिया, राजेश देवड़ा, राधेश्याम लाड़, बल्लू मेगरिया, अम्बालाल जी माकड़ी, गोपाल हेमावत, जितेन्द्र जाट, मनीष लाड़ तथा विजय मेरेज गार्डन के प्रमुख सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा। नगर के गणमान्य धार्मिक नागरिकों, समाजसेवियों, व्यापारियों और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह विशाल धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आस्था, सेवा और सामाजिक एकजुटता की मिसाल बना महाभंडारा
नामली में पहली बार आयोजित कड़ी-लापसी और पुड़ी के इस महाभंडारे ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश की। करीब 11 हजार श्रद्धालुओं को महाप्रसादी और 2 हजार कन्याओं एवं माताओं को फरियाली प्रसादी वितरित किए जाने के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन लंबे समय तक श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना रहेगा।

