पीएम आवास योजना में बड़ी कार्रवाई: 208 बकायेदारों पर नगर निगम का शिकंजा, फ्लैट खाली कराकर किए सील

हंगामे के बीच कई हितग्राहियों ने मौके पर जमा की बकाया राशि, पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने किया विरोध; तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल भेजा गया

रतलाम। पुलिस दर्पण

रतलाम। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आवंटित फ्लैटों का वर्षों से बकाया भुगतान नहीं करने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध नगर निगम ने बुधवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की। नगर निगम आयुक्त अनिल भाना के नेतृत्व में निगम अधिकारियों, राजस्व अमले और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बकायेदारों के फ्लैट खाली कराने और उन्हें सील करने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर हंगामे की स्थिति बनी, वहीं कुछ हितग्राहियों ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर राहत प्राप्त की।

नगर निगम के अनुसार, वर्ष 2019 में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले 208 पात्र परिवारों को महिलाओं के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट आवंटित किए गए थे। प्रत्येक हितग्राही से 20 हजार रुपये मार्जिन मनी ली गई थी, जबकि शेष 1.80 लाख रुपये पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से ऋण लेकर जमा किए जाने थे। निगम का कहना है कि कई बार नोटिस और समय दिए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने निर्धारित राशि जमा नहीं कराई।

इस योजना की पृष्ठभूमि में तत्कालीन प्रशासन और विधायक चेतन्य काश्यप के प्रयासों से कुल 396 हितग्राहियों की सूची स्वीकृत हुई थी। इनमें से 166 हितग्राहियों ने बैंक ऋण लेकर प्रक्रिया पूरी की, 20 हितग्राहियों ने पूरी राशि एकमुश्त जमा की, जबकि 208 हितग्राही छह वर्षों में कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं कर सके। निगम का यह भी कहना है कि जिन लोगों ने ऋण लिया था, उनमें से कई के खाते किस्तें नहीं चुकाने के कारण एनपीए (Non-Performing Asset) हो गए।

कार्रवाई के दौरान बरती गई सावधानी

नगर निगम की टीम फ्लैटों से सामान निकालने के लिए मैकेनिक और तकनीकी कर्मचारियों को भी साथ लेकर पहुंची। टीवी, पंखे, कूलर, बिजली के उपकरण और अन्य घरेलू सामान को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया, ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो। इसके बाद संबंधित फ्लैटों को सील करने की कार्रवाई की गई।

मौके पर ही जमा हुई बकाया राशि

कार्रवाई के दौरान कुछ हितग्राहियों ने तत्काल बकाया राशि जमा कराने का निर्णय लिया। नगर निगम के इंजीनियर राजेश पाटीदार एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में निर्मला बालिया सहित लगभग एक दर्जन हितग्राहियों ने भुगतान किया। निगम प्रशासन ने ऐसे हितग्राहियों को तत्काल राहत देते हुए उनके फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई रोक दी।

पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने जताया विरोध

कार्रवाई की सूचना मिलते ही पूर्व महापौर पारस सकलेचा मौके पर पहुंचे और उन्होंने गरीब परिवारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने इसे गरीबों के साथ अन्याय बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निजी ऑटो से ले जाए जा रहे सामान को कई बार उतरवाया गया, जिससे विवाद की स्थिति बनी। इसी बीच पारस सकलेचा की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया।

पहले भी हो चुका है विवाद

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई को जब 208 फ्लैटों पर अंतिम नोटिस चस्पा करने टीम पहुंची थी, तब कुछ लोगों ने विरोध करते हुए पथराव किया था। उस घटना में निगम कर्मचारियों तथा एक पत्रकार के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसी कारण इस बार किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

कार्रवाई के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, नगर निगम के राजेंद्र सिंह पवार, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी गायत्री सोनी सहित बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

रहवासियों का पक्ष भी सामने आया

दूसरी ओर रहवासियों का कहना है कि फ्लैट आवंटित करते समय सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया गया था, जो आज तक पूरी तरह नहीं हो सका। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

निगम का स्पष्ट संदेश

नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने प्रत्येक फ्लैट पर सरकार का लगभग 7 लाख रुपये खर्च आया है। हितग्राहियों से केवल निर्धारित अंशदान और ऋण की राशि जमा कराने की शर्त थी, लेकिन वर्षों बाद भी भुगतान नहीं होने से शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने अब भी बकाया जमा नहीं किया, उनके विरुद्ध नियमानुसार फ्लैट खाली कराने के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!