मोहित हत्याकांड में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन पहुंचे घटनास्थल, परिजनों को दिया न्याय का भरोसा

बैतूल संवाददाता देवी नाथ लोखंडे

बैतूल। जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम पुसली में 20 वर्षीय युवक मोहित गलफट की संदिग्ध मौत के मामले को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मामले में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन स्वयं 28 जुलाई को घटनास्थल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का बारीकी से निरीक्षण कर जांच अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

पुलिस के अनुसार थाना आठनेर में अपराध क्रमांक 189/2026, धारा 140(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। मृतक के पिता मंचित पिता महादेव गलफट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका पुत्र मोहित 25 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तलाश के दौरान खेतों और आसपास के कुओं की जांच की गई, जहां मोहित का जूता और मोबाइल अलग-अलग स्थानों से बरामद हुआ। परिस्थितियां संदिग्ध होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर विशेष जांच शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी भैंसदेही भूपेंद्र सिंह मौर्य, सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट आबिद अंसारी तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर कुएं से शव बरामद किया, जबकि एफएसएल टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। वैधानिक कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

प्रारंभिक जांच में मृतक के गले में एल्यूमिनियम केबल कसी हुई मिली, जिससे मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस को आशंका है कि अज्ञात आरोपियों ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को कुएं में फेंका। पुलिस तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न पहलुओं से जांच करते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है।

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने जांच टीम को निष्पक्ष एवं त्वरित विवेचना कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी या साक्ष्य हो तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही उन्होंने अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा न करने की भी अपील की है।

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