मारपीट का वीडियो भी आया सामने, दो अलग-अलग मामले दर्ज
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम। जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज पर सोशल मीडिया के माध्यम से की गई कथित अभद्र टिप्पणी ने शहर में विवाद खड़ा कर दिया। इंस्टाग्राम पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ऑटो चालक के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया। वहीं, आरोपी की कथित पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मारपीट करने वालों के खिलाफ भी अलग से एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए एक वीडियो में रामभद्राचार्य महाराज के हिंदू राष्ट्र संबंधी बयान के साथ एक युवक ने अपना वीडियो जोड़कर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। वीडियो वायरल होने के बाद शहर के ओसवाल नगर निवासी रोहित पंवार ने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर जांच में आरोपी की पहचान इब्राहीम शेरानी, निवासी मरकट मस्जिद के पास, रतलाम के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352(2) सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
शिकायतकर्ता ने कहा— धार्मिक भावनाएं हुईं आहत
शिकायतकर्ता रोहित पंवार ने बताया कि इंस्टाग्राम पर वीडियो देखने के बाद उन्हें गहरा आघात पहुंचा। उनका कहना है कि किसी भी साधु-संत या धर्मगुरु के प्रति इस प्रकार की अभद्र भाषा अस्वीकार्य है। इसी कारण उन्होंने साथियों के साथ थाने पहुंचकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
हिंदू संगठनों में नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद शहर के विभिन्न हिंदू संगठनों में नाराजगी देखी गई। संगठनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक महापुरुषों के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मारपीट का वीडियो भी वायरल, पुलिस ने दूसरी FIR भी दर्ज की
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग मुंह ढंककर एक ऑटो चालक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। जांच में सामने आया कि मारपीट का शिकार वही व्यक्ति है, जिस पर धर्मगुरु के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप है।
घायल इब्राहीम के पिता जावेद पठान की शिकायत पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने भवानी उर्फ सोमू एवं एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस का बयान
सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि धर्मगुरु के प्रति अभद्र टिप्पणी किए जाने की सूचना मिलने पर वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया गया। वहीं, मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद दूसरी शिकायत पर भी वैधानिक कार्रवाई करते हुए अलग प्रकरण दर्ज किया गया है। दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच जारी है।
पुलिस दर्पण की अपील:
सोशल मीडिया पर किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने से बचें। कानून अपने हाथ में लेने के बजाय किसी भी विवाद की सूचना पुलिस को दें। कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।

