974 सदस्यों वाले व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील वीडियो से मचा हड़कंप

‘नामली के असली दंगल’ ग्रुप में 14 बार पोस्ट हुई आपत्तिजनक सामग्री, मिनटों में एडमिन ने हटाई; पीड़ित ने लगाया व्हाट्सएप हैकिंग का आरोप, पुलिस जांच शुरू

नामली (रतलाम) | पुलिस दर्पण

रतलाम जिले के नामली क्षेत्र में रविवार शाम सोशल मीडिया पर उस समय हड़कंप मच गया, जब लगभग 974 सदस्यों वाले चर्चित व्हाट्सएप ग्रुप “नामली के असली दंगल” में लगातार 14 बार अश्लील वीडियो एवं वीडियो लिंक पोस्ट कर दिए गए। अचानक सामने आई इस घटना से ग्रुप से जुड़े सैकड़ों सदस्यों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों को आशंका हुई कि कहीं उनका मोबाइल या व्हाट्सएप अकाउंट भी साइबर अपराधियों के निशाने पर तो नहीं आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम करीब 5 बजे ग्रुप में एक के बाद एक अश्लील वीडियो और लिंक दिखाई देने लगे। ग्रुप एडमिन ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए कुछ ही मिनटों में सभी आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कर दिए। इससे अधिकांश सदस्यों तक वीडियो नहीं पहुंच पाए और मामला अधिक फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।

ग्रुप में मचा डर, सदस्यों ने तुरंत मोबाइल जांचना शुरू किया

अचानक हुई इस ऑनलाइन घटना के बाद ग्रुप के सदस्य अपने-अपने मोबाइल फोन चेक करने लगे। कई लोगों को लगा कि यदि किसी हैकर ने ग्रुप या किसी सदस्य का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया है तो अन्य सदस्य भी साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। पूरे घटनाक्रम के दौरान ग्रुप में हैकर को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

इसी बीच ग्रुप के एक वरिष्ठ सदस्य ने संदेश लिखा—

“Ye group hacker hack kar liya kya?”
“क्या इस ग्रुप को किसी हैकर ने हैक कर लिया है?”

जिस पर ग्रुप एडमिन ने जवाब देते हुए लिखा—

“किसी भी भाई को ग्रुप से निकलने की जरूरत नहीं है, बबलू भाई का मोबाइल हैंग कर लिया है।”

हालांकि, यह संदेश ग्रुप सदस्यों को आश्वस्त करने के उद्देश्य से लिखा गया था। बाद में मामला पुलिस तक पहुंच गया।

थाने में दिया लिखित आवेदन

शाम करीब 7:25 बजे ग्राम नामली निवासी संतोष जाट पिता नरसिंह जाट ने थाना नामली पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। आवेदन के अनुसार उनका मोबाइल नंबर 8839736203 व्हाट्सएप से जुड़ा हुआ है और किसी अज्ञात साइबर अपराधी ने उनका व्हाट्सएप अकाउंट अवैध रूप से हैक कर लिया।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि हैकर ने उनके नाम और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत व्हाट्सएप ग्रुपों में अश्लील वीडियो पोस्ट किए, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हुई और उन्हें मानसिक एवं सामाजिक नुकसान पहुंचा।

आवेदन में क्या-क्या कहा गया है?

पुलिस को दिए गए आवेदन में मुख्य रूप से कहा गया है कि— अज्ञात साइबर अपराधी ने व्हाट्सएप अकाउंट पर अवैध कब्जा कर लिया।

उसके बाद विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में अश्लील वीडियो एवं सामग्री पोस्ट की गई।

इस घटना से आवेदक की सामाजिक छवि खराब हुई।

साइबर सेल के माध्यम से आरोपी का आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रेस कर कार्रवाई की जाए। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।

अब पुलिस की साइबर जांच पर नजर

यह मामला अब नामली थाना पुलिस के पास पहुंच चुका है। वर्तमान थाना प्रभारी अमित कोरी पूर्व में रतलाम साइबर सेल प्रभारी भी रह चुके हैं। ऐसे में लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कितनी जल्दी तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट कर पाती है कि वास्तव में व्हाट्सएप अकाउंट हैक हुआ था, किसी डिवाइस का दुरुपयोग हुआ था, या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है।

अभी हैकिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं

पुलिस को आवेदन मिल चुका है, लेकिन अब तक यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि व्हाट्सएप अकाउंट वास्तव में हैक हुआ था। फिलहाल यह आवेदक का आरोप है। तकनीकी जांच, लॉग, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही पुलिस अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचेगी।

साइबर विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी के व्हाट्सएप से अचानक अनचाहे संदेश या वीडियो भेजे जाएं तो तुरंत—

सभी डिवाइस से व्हाट्सएप लॉगआउट करें।

टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय करें।

पासवर्ड और ईमेल सुरक्षा बदलें।

संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी कि यह साइबर हैकिंग का मामला है या किसी अन्य तरीके से व्हाट्सएप का दुरुपयोग किया गया।

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