महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना, ‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका विमोचन, वनरक्षक अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
बैतूल । पुलिस दर्पण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए प्राकृतिक खेती, कॉफी उत्पादन, डेयरी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू और आसपास का वन क्षेत्र कॉफी उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त है तथा यहां होमस्टे विकसित कर पर्यटन को नई पहचान दी जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आजीविका मिशन ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक महेंद्र सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
महिलाओं ने साझा की सफलता की कहानी
लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती नीता धाड़से ने बताया कि कृषि सखी के रूप में जैविक खेती को बढ़ावा देकर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन से मिले ऋण ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया।
समूह की सदस्य श्रीमती मैना दामजे ने बताया कि पहले वे छोटे स्तर पर मावा और रबड़ी बनाती थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई है। वहीं ग्राम खामला की श्रीमती अर्चना विनोद ने बताया कि उनके सीएलएफ को 72 लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे समूह की महिलाएं कृषि, डेयरी और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर आगे बढ़ रही हैं।
प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
ग्रामीण श्री शेषराव बरसाकर ने मुख्यमंत्री को प्राकृतिक खेती के तीन वर्षों के अनुभव और उससे हुए लाभों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए सभी किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। साथ ही ग्रामीणों की वन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
कॉफी उत्पादन और होमस्टे से बढ़ेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैतूल का वन क्षेत्र कॉफी उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने आम जैसे फलदार वृक्षों के साथ कॉफी के पौधे लगाने, पशुपालन और डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पर्यटन विकास के लिए क्षेत्र में होमस्टे विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।
आचार्य विद्यासागर योजना की दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि आचार्य विद्यासागर योजना के तहत पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ 33 प्रतिशत तक सब्सिडी और बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति की सुविधा भी राज्य सरकार प्रदान करती है।
‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले के पर्यटन, धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों पर आधारित ‘बैतूल दर्शन’ पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तिका जिले की समृद्ध पर्यटन विरासत को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हेलमेट और नियुक्ति पत्रों का वितरण
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। साथ ही वन रक्षक भर्ती परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित 45 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री के इस जनसंवाद कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, प्राकृतिक खेती, पर्यटन विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे बैतूल जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।

