नीमच के मनासा थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल राघवेंद्र सिंह और जोधपुर की हिस्ट्रीशीटर सुनिता बिश्नोई उर्फ ‘सुमता डॉन’ के खिलाफ बोरानाड़ा थाने में BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड बने जांच का अहम आधार।
जोधपुर /नीमच / चित्तौड़गढ़
नीमच । राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल कथित ठगी का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे और कारोबारी जगत में हलचल मचा दी है।
शिकायत के अनुसार मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल राघवेंद्र सिंह और जोधपुर की हिस्ट्रीशीटर सुनिता बिश्नोई उर्फ ‘सुमता डॉन’ ने मिलकर चित्तौड़गढ़ (निंबाहेड़ा) के एक बड़े कारोबारी से 2.45 करोड़ रुपये की कथित ठगी की।
पीड़ित पर्वत सिंह राजपुरोहित की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने पहले ट्रांसफर-पोस्टिंग में प्रभाव होने, मनचाहे पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति कराने और सांवरिया सेठ मंदिर में करोड़ों के लड्डू प्रसादी ठेके का लालच दिया। बाद में हाईकोर्ट से जमानत कराने के नाम पर भी बड़ी रकम ली गई।
शिकायत में आरोप है कि मार्च और अप्रैल 2025 के दौरान अलग-अलग किस्तों में करोड़ों रुपये नकद लिए गए, लेकिन न तो अधिकारियों की पोस्टिंग हुई और न ही जमानत मिली। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई।मामले में बोरानाड़ा थाना पुलिस ने नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में सभी पहलुओं की जांच जारी है। आरोपियों की भूमिका और शिकायत में किए गए दावों का सत्यापन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। अदालत में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं।

