अब ग्रामीणों को मिलेंगे 125 दिन के गारंटीकृत रोजगार, शिवराज सिंह चौहान बोले— “कोई श्रमिक काम से वंचित नहीं रहेगा”
मनरेगा की जगह नए ग्रामीण रोजगार कानून का शुभारंभ, ₹95,692.31 करोड़ का अंतरिम बजट जारी, डिजिटल व्यवस्था से होगी पारदर्शिता और समय पर भुगतान।
निवाड़ी / पुलिस दर्पण
ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB-G RAM G Act) को आज से पूरे देश में लागू कर दिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने आंध्र प्रदेश के मुक्कावरीपल्ली गांव से योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ करते हुए कहा कि “देश का कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक दिन भी काम के बिना नहीं रहेगा।”
नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 की जगह 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा। योजना के सुचारु संचालन के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ का अंतरिम बजट आवंटित किया है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम में N. Chandrababu Naidu तथा Pawan Kalyan भी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह कानून ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को मजबूत करेगा और गांवों में टिकाऊ विकास कार्यों को गति देगा।
निवाड़ी में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
जिला प्रशासन के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद सभागार, निवाड़ी में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि Anil Jain ने कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े एवं जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला पंचायत के सीईओ श्री रोहन सक्सेना ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना और कार्य पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना अब कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार।
काम नहीं मिलने पर दैनिक बेरोजगारी भत्ता।
डिजिटल हाजिरी, DBT, AI और बायोमेट्रिक सत्यापन से पारदर्शी व्यवस्था।
जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, आजीविका संवर्धन और जलवायु अनुकूल विकास कार्यों को प्राथमिकता।
बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन का ‘नो-वर्क पीरियड’, ताकि किसानों को श्रमिकों की कमी न हो।
सरकार का दावा है कि यह नई योजना ग्रामीण रोजगार, आजीविका सुरक्षा और आधारभूत विकास को नई गति देकर आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

