PWD और ठेकेदार सवालों के घेरे में
मंदसौर | पुलिस दर्पण
दलौदा–सीतामऊ मार्ग पर हाल ही में निर्मित करोड़ों रुपये की सीसी सड़क में चंद महीनों के भीतर ही कई स्थानों पर गहरी दरारें आने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर क्रांतिकारी रिपोर्टर के संचालक उमेश नेक्स केआर ने एक पोस्ट साझा कर लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित ठेकेदार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पोस्ट में दावा किया गया है कि सड़क में आई दरारों की गुणवत्ता जांच कराने के बजाय विभाग द्वारा क्रैक सीलिंग (Crack Sealing) कर दरारों को भरने का कार्य किया गया, जिसे स्थानीय लोग व्यंग्यात्मक रूप से सड़क पर “टांके लगाने” जैसा बता रहे हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ और अब मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सड़क का निर्माण तत्कालीन PWD एसडीओ राजेंद्र सोनगरा की देखरेख में हुआ था। साथ ही मांग की गई है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि निर्माण में अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में PWD विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। यदि विभाग अपना पक्ष जारी करता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
चंद महीनों में दरकी करोड़ों की सीसी सड़क! दरारों पर ‘टांके’ लगाकर लीपापोती

