भारत माता के जयघोष, पुष्पवर्षा और तिरंगों के बीच निकली सम्मान यात्रा; पूरे जिले ने अपने वीर सपूत को किया सलाम।
मंदसौर। पुलिस दर्पण
देश की सीमाओं पर 17 वर्षों तक मातृभूमि की रक्षा करने वाले भारतीय सेना के जांबाज लांस नायक शिवनारायण गुर्जर के सेवानिवृत्ति उपरांत गृह जिले मंदसौर आगमन पर अभूतपूर्व नागरिक सम्मान किया गया। ग्राम झिरकन (तहसील दलौदा) निवासी वीर सैनिक का सैनिक सम्मान अभियान के तहत 790वें सैनिक के रूप में भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रभक्ति के नारों, पुष्पवर्षा और तिरंगों से सजे वातावरण ने पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता चौराहा पर भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। इसके बाद सैनिक को साफा पहनाकर, पुष्पमालाओं और श्रीफल से सम्मानित किया गया। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिन्द” के गगनभेदी उद्घोषों के बीच नगर अभिनंदन यात्रा प्रारंभ हुई।
भारत माता चौराहा से निकली सम्मान यात्रा महात्मा गांधी चौराहा और शहीद ऊधम सिंह चौराहा होते हुए दलौदा चौपाटी पहुंची। इस दौरान राष्ट्रनायकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देशभक्ति गीतों से सुसज्जित यात्रा ने पूरे नगर को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया।
मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के साथ नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर सैनिक का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद लांस नायक शिवनारायण गुर्जर अपने गृह ग्राम झिरकन पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत का ऐतिहासिक और भावपूर्ण स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारतीय सैनिक अपने परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा का सर्वोच्च दायित्व निभाते हैं। उनका त्याग, अनुशासन और राष्ट्र समर्पण प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा है। सैनिकों का सम्मान करना हर देशवासी का नैतिक कर्तव्य है।
सैनिक सम्मान अभियान के संयोजक विनय दुबेला ने कहा कि मंदसौर का सैनिक सम्मान अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक सैनिक सम्मान कार्यक्रमों में सहभागी बने, ताकि मंदसौर देशभर में सैनिक सम्मान की राजधानी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सके।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिला अध्यक्ष मुकेश गुर्जर ने सभी सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिक सम्मान की यह गौरवशाली परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहेगी और युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करेगी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वर्तमान सैनिक, समाजसेवी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और राष्ट्रभक्त नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व सैनिक सुरेश सिंह परमार ने किया, जबकि आभार पूर्व सैनिक जितेंद्र माली ने व्यक्त किया।
पुलिस दर्पण
“जो देश के वीरों का सम्मान करता है, वही सच्चे अर्थों में राष्ट्रभक्ति का संदेश देता है।”

