बैतूल के निमिया प्राथमिक स्कूल पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने मांगी निष्पक्ष जांच।
संवाददाता: पुलिस दर्पण, बैतूल | देवीनाथ लोखंडे
बैतूल। जिले के शाहपुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला निमिया एक बार फिर विवादों में है। ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि स्कूल में बच्चों से पढ़ाई कराने के बजाय झाड़ू लगवाने, बर्तन साफ करवाने और पानी भरवाने जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। आरोपों के सामने आने के बाद विद्यालय की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार, 4 जुलाई 2026 को विद्यालय का निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे होने के बावजूद प्रार्थना लगभग 11:10 बजे कराई गई। इस दौरान कई बच्चों को विद्यालय परिसर में साफ-सफाई और अन्य कार्य करते हुए देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्धारित समय पर शिक्षण कार्य शुरू नहीं होता और बच्चों से इस प्रकार के कार्य कराए जाते हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
गांव के दिनेश यादव, मुकेश यादव, सुभाष यादव, रामबिलास यादव और सतीश यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं बच्चों को पानी भरते, बर्तन साफ करते और झाड़ू लगाते देखा। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए है, न कि उनसे श्रम कराने के लिए।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह बच्चों के शिक्षा के अधिकार और सम्मान दोनों के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा।
शिक्षा विभाग का पक्ष।
मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। वहीं शाहपुर शिक्षा अधिकारी ने कहा कि, “मुझे इस विषय में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।”

