200 गांवों के हजारों रेल यात्रियों की बड़ी मांग: जावरा रेलवे स्टेशन पर बने अधिकृत दोपहिया वाहन स्टैंड, सुरक्षा और सुविधा दोनों की जरूरत

रतलामपुलिस दर्पण

रतलाम । जिले के प्रमुख जावरा रेलवे स्टेशन पर साइकिल एवं मोटरसाइकिल स्टैंड का अभाव अब हजारों रेल यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। प्रतिदिन लगभग 200 गांवों से तीन हजार से अधिक यात्री जावरा रेलवे स्टेशन से रेल यात्रा करते हैं, लेकिन अधिकृत पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अपनी मोटरसाइकिलें सड़क किनारे, दुकानों के सामने अथवा असुरक्षित स्थानों पर खड़ी करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

इससे वाहन चोरी, अव्यवस्था और अवैध वसूली जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिक अशोक कुमार बंसल ने बताया कि जावरा रेलवे स्टेशन आसपास के ग्रामीण क्षेत्र का प्रमुख रेल केंद्र है। प्रतिदिन आने वाले यात्रियों में लगभग 60 प्रतिशत लोग अपने गांवों से मोटरसाइकिल के माध्यम से स्टेशन तक पहुंचते हैं।

स्टेशन परिसर में अधिकृत वाहन स्टैंड नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन चोरी की घटनाएं होने से यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या का सबसे अधिक असर महिला यात्रियों, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों पर पड़ रहा है। सुरक्षित पार्किंग सुविधा नहीं होने से वे स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं। वहीं स्टेशन परिसर के बाहर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है और आसपास गंदगी व अव्यवस्था का वातावरण बन जाता है।
श्री बंसल ने पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) से जनहित एवं यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए जावरा रेलवे स्टेशन पर शीघ्र शुल्क आधारित साइकिल एवं मोटरसाइकिल स्टैंड का निर्माण कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि इससे यात्रियों को सुरक्षित पार्किंग की सुविधा मिलेगी, वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा तथा रेलवे को भी नियमित राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 1000 से 1200 दोपहिया वाहन स्टेशन परिसर में आते हैं। यदि प्रति वाहन मात्र ₹10 पार्किंग शुल्क निर्धारित किया जाए तो रेलवे को प्रतिमाह तीन लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।

इससे यात्री सुविधा और रेलवे की आय—दोनों में वृद्धि होगी। स्थानीय यात्रियों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि उज्जैन, इंदौर, भोपाल सहित अधिकांश छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि जावरा जैसे व्यस्त एवं महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर आज तक यह मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। यात्रियों ने निर्णय लिया है कि शीघ्र ही 100 से अधिक यात्रियों के हस्ताक्षरयुक्त मांग-पत्र मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम को सौंपा जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय सांसद एवं विधायक से भी इस जनहित के महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया जाएगा।

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