युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन; किसानों ने कहा—’यूरिया चाहिए, पोर्टल जबरन DAP-NPK खरीदवा रहा’
रतलाम। पुलिस दर्पण
रतलाम । खरीफ सीजन में खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर रतलाम में किसानों का आक्रोश सामने आया है। जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर मिषा सिंह के नाम नायब तहसीलदार रामचंद्र पांडेय को ज्ञापन सौंपते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
किसानों का आरोप है कि ई-टोकन प्रणाली उनकी सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन गई है। रतलाम में टोकन बुक करने के बावजूद पोर्टल उन्हें 50 से 55 किलोमीटर दूर स्थित खाद वितरण केंद्र आवंटित कर देता है, जिससे समय, पैसा और श्रम तीनों की बर्बादी हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पोर्टल पर यूरिया लेने के लिए DAP, NPK या SSP जैसे अन्य उर्वरकों का चयन भी अनिवार्य दिखाया जाता है। किसानों का कहना है कि उन्हें जिस खाद की आवश्यकता है, वही उपलब्ध कराई जाए, अनावश्यक उर्वरक खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि रतलाम और आसपास के गोदामों में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बावजूद उसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं की जाती। इसके कारण किसानों को दूरस्थ केंद्रों से खाद लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। किसानों ने मांग की कि ई-टोकन सॉफ्टवेयर में सुधार कर गांव से 5 से 7 किलोमीटर की परिधि में ही खाद उपलब्ध कराई जाए।
किसानों की प्रमुख मांगें
ई-टोकन व्यवस्था समाप्त कर आधार कार्ड के माध्यम से खाद वितरण किया जाए।
यूरिया लेने के लिए अन्य उर्वरकों की अनिवार्यता खत्म की जाए।
किसानों को नजदीकी केंद्रों से खाद उपलब्ध कराई जाए।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
भूमि रजिस्ट्री के बाद 10 से 20 दिनों के भीतर नामांतरण किया जाए।
किसानों को कर्जमुक्त किया जाए तथा फसल बीमा की राशि 10 दिनों के भीतर मिले।
वर्ष 1955-56 के रिकॉर्ड के आधार पर पात्र किसानों को भूमि स्वामी घोषित किया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि ई-टोकन व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

