पुलिस मुख्यालय का बड़ा फैसला—जो प्रमोट नहीं हुए, वे कार्यवाहक पद पर ही करते रहेंगे कार्य
रक्षित निरीक्षक पद पर पदोन्नति के आदेश जारी, पुलिस मुख्यालय ने एक अलग आदेश में कार्यवाहक अधिकारियों-कर्मचारियों की स्थिति भी की स्पष्ट
भोपाल | पुलिस दर्पण
भोपाल । मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने प्रदेश के 168 सूबेदार एवं कार्यवाहक रक्षित निरीक्षकों (आरआई) को नियमित रक्षित निरीक्षक (Reserve Inspector) के पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी पदोन्नति प्राप्त नहीं कर सके हैं और वर्तमान में कार्यवाहक (ऑफिसिएटिंग) पदों पर कार्यरत हैं, वे आगामी आदेश तक उसी कार्यवाहक पद पर पूर्ववत कार्य करते रहेंगे।
पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा जारी पदोन्नति आदेश के अनुसार यह कार्रवाई मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025, सामान्य प्रशासन विभाग के 30 जून 2026 के निर्देशों तथा विधिक परामर्श के आधार पर की गई है। पदोन्नत अधिकारियों को प्रदेशभर में रक्षित निरीक्षक के रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया जाएगा। उन्हें पे मैट्रिक्स लेवल-10 का लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मिलेगा।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) क्रमांक 13954/2016 एवं भविष्य में न्यायालय द्वारा दिए जाने वाले अंतिम निर्णयों के अधीन रहेंगी। साथ ही पदोन्नत अधिकारियों को नियम-13 के तहत वेतन निर्धारण का विकल्प एक माह के भीतर प्रस्तुत करना होगा।
कार्यवाहक अधिकारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट
पदोन्नति आदेशों के बाद कार्यवाहक पदों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए पुलिस मुख्यालय ने 13 जुलाई 2026 को अलग से आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि मध्यप्रदेश पुलिस विनियम के पैरा-72 एवं जी.ओ.पी. क्रमांक 148/2021 के प्रावधानों के तहत जो अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित पदोन्नति प्राप्त नहीं कर सके हैं, वे अगले आदेश तक अपने वर्तमान कार्यवाहक पद पर कार्य करते रहेंगे।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्यवाहक रूप से उच्च पद पर कार्यरत अधिकारियों को उस पद की वरिष्ठता या वेतन का दावा प्राप्त नहीं होगा, लेकिन जब तक वे उस पद पर कार्यरत रहेंगे, तब तक वे संबंधित उच्च पद की वर्दी धारण कर सकेंगे।
इन अधिकारियों को नहीं किया जाएगा कार्यमुक्त
पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाई प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है, विभागीय जांच का सामना कर रहा है, किसी आपराधिक मामले में उसके विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत हो चुका है अथवा अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है, तो उसे किसी भी स्थिति में कार्यमुक्त (रिलीव) नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
पुलिस मुख्यालय के इन दोनों आदेशों से एक ओर जहां 168 अधिकारियों को नियमित पदोन्नति का लाभ मिला है, वहीं दूसरी ओर कार्यवाहक पदों पर कार्यरत लेकिन पदोन्नति से वंचित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक स्थिति भी स्पष्ट हो गई है, जिससे पुलिस विभाग में लंबे समय से बनी अनिश्चितता काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।

