संवाददाता बैतूल देवीनाथ लोखंडे
बैतूल । पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना बैतूल बाजार पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए लगभग ₹1 करोड़ 93 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामले में पिछले डेढ़ वर्ष से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय से 05 दिवस की पुलिस रिमांड प्राप्त की है।
🔹 घटना का विवरण
दिनांक 09.02.2025 को फरियादी कुलदीप राठौर, निवासी भग्गूढाना, गंज बैतूल द्वारा थाना बैतूल बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि आरोपीगण मिलन राठौर, पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू, देवकृष्ण साहू एवं योगेश कुमार साहू ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लीकेशन के माध्यम से निवेश के नाम पर लगभग ₹1.93 करोड़ की धोखाधड़ी की है।
🔹रिपोर्ट पर थाना बैतूल बाजार में अपराध क्रमांक 59/2025 धारा 420, 409, 467, 471 भारतीय दंड संहिता एवं 66-D आईटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
🔹विवेचना के दौरान आरोपी मिलन राठौर एवं पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। वहीं प्रकरण का एक अन्य आरोपी योगेश कुमार साहू (उम्र 35 वर्ष), निवासी पामवुड रेसिडेंसी, कातुलबोर्ड, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। थाना बैतूल बाजार पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों के फलस्वरूप आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे 05 दिवस के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से धोखाधड़ी की राशि एवं अन्य पहलुओं के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
🔹 सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बैतूल बाजार निरीक्षक विजयसिंह ठाकुर, सउनि मुलायम सिंह मौर्य, प्रधान आरक्षक अजय बरबड़े, आरक्षक ओमप्रकाश बंसोड़ एवं चालक प्रधान आरक्षक सुखराम पंवार की सराहनीय भूमिका रही।
🔹 जनसामान्य से अपील
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग अथवा अत्यधिक लाभ का लालच देने वाले मोबाइल एप, वेबसाइट एवं सोशल मीडिया विज्ञापनों से सावधान रहें। किसी भी प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पूर्व उसकी वैधानिकता एवं प्रामाणिकता की अच्छी तरह जांच करें। अज्ञात व्यक्तियों के कहने पर धनराशि निवेश न करें तथा किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, वेबसाइट www.cybercrime.gov.in� अथवा निकटतम पुलिस थाना/डायल-112 पर सूचना दें। समय पर सूचना देने से धोखाधड़ी की राशि को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।

