₹940.77 करोड़ की संपत्तियां पहले ही अटैच
नई दिल्ली / रायपुर। देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एबिक्स (Ebix) समूह के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें दिल्ली स्थित आवास से हिरासत में लेने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ले जाया गया, जहां विशेष PMLA अदालत में पेश किया जाना है।
गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ED ने विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों की ₹940.77 करोड़ मूल्य की 12 संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। इनमें दिल्ली, गोवा, नैनीताल सहित कई स्थानों की अचल संपत्तियां, शेयर और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं।
ED का आरोप क्या है?
जांच एजेंसी का आरोप है कि महादेव बेटिंग नेटवर्क से अर्जित कथित अवैध धन को विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में निवेश किया गया। इस धन को कई कंपनियों के माध्यम से घुमाकर उसकी वास्तविक स्रोत पहचान छिपाई गई और बाद में शेयर, सिक्योरिटीज तथा अन्य परिसंपत्तियां खरीदी गईं। ED का यह भी दावा है कि Eraaya Lifespaces Ltd. के जरिए EbixCash में 64% हिस्सेदारी हासिल करने में भी कथित अवैध धन का इस्तेमाल हुआ।
BJP से भी जुड़ा नाम
विकास गर्ग भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आर्थिक प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारी बताए जाते हैं। हालांकि, गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुई है और मामले की जांच जारी है। आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
क्या है महादेव बेटिंग ऐप मामला?
ED के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह नेटवर्क विदेश से संचालित होता था और फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए पूरे देश में फैला हुआ था। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।
₹450 करोड़ प्रतिमाह कमाई का दावा?
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि महादेव बेटिंग ऐप से हर महीने लगभग ₹450 करोड़ की कमाई होती थी। हालांकि, ED की ताजा आधिकारिक कार्रवाई में इस मासिक आय के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियों ने मामले में बड़े पैमाने पर अवैध धन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं, लेकिन इस विशेष राशि को आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं बताया है।

