जैविक खाद बनाकर आत्मनिर्भर बनीं आगर की महिलाएं

प्रकृति संरक्षण के साथ कमा रहीं लाखों रुपए

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से बदली तस्वीर, महिला स्व-सहायता समूह ने जैविक खेती को दी नई पहचान

आगर मालवा | पुलिस दर्पण

आगर मालवा । मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में महिला स्व-सहायता समूह आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत ग्रामीण महिलाएं अब जैविक खाद का उत्पादन कर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रही हैं, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से भी सशक्त बन रही हैं।
कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव एवं जिला पंचायत सीईओ बी.एस. सोलंकी के मार्गदर्शन में श्री राम स्व-सहायता समूह, ग्राम रलायती द्वारा जिला पंचायत परिसर स्थित आजीविका भवन में जैविक खाद का उत्पादन एवं पैकेजिंग की जा रही है। महिलाओं द्वारा तैयार की गई यह खाद किसानों और आम नागरिकों के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध है।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती भग्गू बाई ने बताया कि जैविक खाद 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रही है। यह खाद 1 किलो से लेकर 50 किलो तक के पैक में उपलब्ध है। समूह अब तक 4 लाख रुपये से अधिक की जैविक खाद का विक्रय कर चुका है, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्षा ऋतु और पौधारोपण अभियान को देखते हुए इस जैविक खाद की मांग लगातार बढ़ रही है। यह खाद खेतों, बगीचों और घरों में लगाए जाने वाले पौधों के लिए उपयोगी साबित हो रही है तथा रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है।
महिला स्व-सहायता समूहों की यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती के प्रति लोगों को भी जागरूक कर रही है। आगर मालवा की यह सफलता अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

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