संवाददाता बैतूल देवीनाथ लोखंडे
बैतूल। बैतूल की गंज थाना पुलिस ने चाय-नाश्ता की दुकान में आगजनी कर करीब डेढ़ से दो लाख रुपये की संपत्ति नष्ट करने वाले दो आरोपियों का पर्दाफाश करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, 30 मई 2026 को गांधी नगर, टैगोर वार्ड निवासी रोहित श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 मई की रात वह अपनी चाय-नाश्ता की दुकान बंद कर घर चला गया था। देर रात करीब 2:30 बजे सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचा तो दुकान और सामने स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर में भीषण आग लगी हुई थी। फायर ब्रिगेड और पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखा फ्रिज, डीप फ्रीजर, फर्नीचर, विद्युत उपकरण एवं अन्य सामान जलकर राख हो चुका था। घटना में लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये की क्षति हुई।
जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें दो संदिग्ध युवक दुकान के पीछे से आते और आग लगाने के बाद भागते हुए दिखाई दिए। इसके आधार पर थाना गंज में अपराध क्रमांक 157/2026, धारा 326(जी) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार पतारसी के बाद आरोपियों की पहचान हर्षद टाकरकर (24), निवासी लोहिया वार्ड, बैतूल तथा गगन कोसे (27), निवासी बगडोना, सारणी के रूप में की। दोनों आरोपियों को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक नीरज पाल, उपनिरीक्षक उत्तमनंदन मस्तकार, उपनिरीक्षक इरफान कुरैशी, प्रधान आरक्षक मयूर, प्रधान आरक्षक चन्द्रशेखर हिंगवे, आरक्षक अनिरुद्ध, आरक्षक नवीन रघुवंशी, आरक्षक शिवशंकर देवड़ा एवं आरक्षक गजानंद वाडीवा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि अपने प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या डायल 112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

