उज्जैन। पुलिस दर्पण
उज्जैन। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर खाराकुआं स्थित बड़ा उपाश्रय श्रद्धा, भक्ति और गुरु वंदना के दिव्य वातावरण से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुजनों के चरणों में वंदन कर धर्मलाभ प्राप्त किया और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए नाकोड़ा तीर्थोद्धारक मेवाड़ केसरी आचार्य श्रीमद् विजय हिमाचल सूरिश्वरजी म.सा. की समुदायवर्ती शासन ज्योति पूज्य साध्वी उपेन्द्रयशा श्रीजी म.सा. ने कहा कि गुरु की कृपा के बिना धर्मध्यान और आत्मकल्याण संभव नहीं है। गुरु ही साधक को सही मार्ग दिखाकर आत्मोन्नति और परमात्मा की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद जीवन के बड़े से बड़े संकट को भी दूर करने की शक्ति रखता है।
पूज्य साध्वी सुप्रीतरत्नाश्रीजी म.सा. ने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु पृथ्वी पर साक्षात देवस्वरूप हैं। गुरु ज्ञान की अखंड ज्योति हैं, जो अज्ञान का अंधकार मिटाकर प्रत्येक जीव के भीतर विवेक, आत्मजागृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु का सान्निध्य जीवन को नई दिशा और उच्च आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाता है।
महोत्सव के दौरान गौतम स्वामी अनुष्ठान एवं कलश स्थापना का लाभ संतोष कुमार कोचर एवं अर्पित कुमार कोचर ने प्राप्त किया। अभिषेक एवं अष्टप्रकारी पूजा का लाभ श्रीमती रश्मिबेन राजेश पटनी परिवार को मिला, जबकि श्रीसंघ पूजन का लाभ नक्षत्र मालजी नागोरी (निंबाड़ा) परिवार ने लिया। इस अवसर पर श्रीसंघ द्वारा नागोरी परिवार का सम्मान एवं बहुमान भी किया गया। सभा में आगामी धार्मिक आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1 अगस्त से उत्तराध्ययन सूत्र एवं सुरसुंदरी-अमरकुमार चरित्र का वाचन प्रारंभ होगा तथा पांचों ज्ञान की वासक्षेप से सूत्र पूजन कराया जाएगा। वहीं 2 अगस्त को नवकार मंत्र अनुष्ठान आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु जोड़े के रूप में आराधना करेंगे। अनुष्ठान के लिए आवश्यक यंत्र श्रीसंघ द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने गुरु वंदन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया और धर्म, संयम, साधना तथा सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

